गुरुग्राम-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर महिंद्रा थार और मारुति ब्रेजा के बीच तेज रफ्तार रेस के दौरान एक गंभीर हादसा हुआ है। इस दुर्घटना में कुल तीन वाहन आपस में टकरा गए। - तेज रफ्तार ब्रेजा के अनियंत्रित होकर हाइड्रोलिक क्रेन से टकराने से हुआ हादसा। - इस मार्ग पर लगातार हो रही तेज रफ्तार और लापरवाही से गाड़ी चलाने की घटनाएं। - पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के लिए उन्नत ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) तैनात किया है। - इसी साल सितंबर महीने में थार और अन्य वाहनों से जुड़े कई हादसे सामने आ चुके हैं।
गुरुग्राम-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर महिंद्रा थार और मारुति ब्रेजा के बीच तेज रफ्तार रेस चल रही थी। इसी दौरान तेज रफ्तार ब्रेजा अनियंत्रित हो गई और एक हाइड्रोलिक क्रेन से जा टकराई। इस टक्कर के कारण कुल तीन वाहन आपस में भिड़ गए और भीषण सड़क हादसा हो गया। स्थानीय अधिकारियों ने बताया है कि इस कॉरिडोर पर लापरवाही से गाड़ी चलाने की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
इस दुर्घटना से पहले भी क्षेत्र में कई खतरनाक हादसे रिपोर्ट किए गए हैं। 27 सितंबर 2026 को द्वारका एक्सप्रेसवे पर एक तेज रफ्तार महिंद्रा थार ने एक मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी थी, जिसमें दो लोग घायल हो गए थे और वाहन चालक मौके से फरार हो गया था। इस मामले में पुलिस ने सेक्टर-10 थाने में एफआईआर दर्ज की है। इसके अलावा 19 सितंबर को सेक्टर 89 में एक थार द्वारा लगातार एक कैब को टक्कर मारने का मामला सामने आया था, जिसकी जांच खेड़की दौला पुलिस कर रही है।
इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए एक
उन्नत ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) तैनात किया गया है। इसके तहत 56.46 किलोमीटर के दायरे में 150 कैमरे लगाए गए हैं जो ओवरस्पीडिंग और गलत दिशा में ड्राइविंग समेत 14 तरह के ट्रैफिक नियमों के उल्लंघनों की निगरानी करते हैं। इन उपायों के बावजूद सुरक्षा को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। मई 2026 में बिलासपुर क्षेत्र में एक ट्रक और ब्रेजा के बीच हुई टक्कर में एक स्थानीय पटवारी समेत तीन लोगों की मौत हो गई थी। कानून प्रवर्तन एजेंसियों का कहना है कि अत्यधिक गति इन सड़क हादसों का मुख्य कारण है।