दिल्ली के आस्था कुंज पार्क में किशोरी से गैंगरेप, पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार

दिल्ली के दक्षिण-पूर्व जिले में स्थित आस्था कुंज पार्क में 17 साल की किशोरी के साथ चाकू की नोक पर सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। यह घटना उस समय हुई जब पीड़िता अपने जन्मदिन पर कालकाजी मंदिर के दर्शन करने के बाद अपने एक 17 वर्षीय पुरुष मित्र के साथ पार्क में गई थी। पार्क के अंदर तीन लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर उन्हें रोका और फिर कई जगहों पर ले जाकर इस गंभीर वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद आरोपियों ने दोनों किशोरों को चुप रहने की धमकी भी दी थी। इस मामले की विस्तृत जानकारी के लिए आप दिल्ली पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।
आरोपियों की गिरफ्तारी और पुलिस मुठभेड़
दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में तीन संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 31 साल के प्याज थोक विक्रेता आसिफ, खुद को वकील बताने वाले 31 वर्षीय हेमंत और 24 साल के बीएससी छात्र मुकेश के रूप में हुई है। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी आसिफ ने पुलिस पर तीन गोलियां चलाईं, जिसमें से एक गोली हेड कांस्टेबल की बुलेट-प्रूफ जैकेट पर लगी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई जिससे आसिफ के दाहिने पैर में चोट लग गई। इसके बाद उसे एम्स में भर्ती कराया गया, जहां पीड़िता का भी मेडिकल परीक्षण कराया गया।
कानूनी कार्रवाई और सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
जांचकर्ताओं ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो अधिनियम के तहत आपराधिक साजिश की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। जांच के दौरान पुलिस ने मोबाइल फोन जब्त किए हैं जिनकी फोरेंसिक जांच की जा रही है ताकि डिलीट किया गया डेटा और सर्च हिस्ट्री रिकवर की जा सके। अधिकारियों को संदेह है कि हमला पहले से सुनियोजित था क्योंकि आसिफ के पास हथियार, चाकू और अन्य सामान मौजूद था। इस मामले में पुलिस ने पीड़ितों और सुरक्षा गार्डों सहित 12 लोगों के बयान दर्ज किए हैं।
अदालत का फैसला और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार
24 सितंबर 2026 को तीनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और उन्हें 8 अक्टूबर 2026 को अदालत में पेश किया जाना है। इस घटना के बाद पार्क के गेट नंबर 7 पर सीसीटीवी कैमरे खराब होने और पुलिस द्वारा सुरक्षा को लेकर दी गई चेतावनियों को नजरअंदाज किए जाने के कारण दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) पर गंभीर सवाल उठे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उपराज्यपाल ने सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा ऑडिट और 'पिंक पुलिस' की तैनाती के निर्देश दिए हैं। इस सुरक्षा चूक के विरोध में लेडी श्री राम कॉलेज के छात्रों ने एकजुटता मार्च भी निकाला है।