ताराजीत सिंह संधू बोले- सच्ची आजादी और सामाजिक सुधार एक-दूसरे से जुड़े हैं

दिल्ली के उपराज्यपाल ताराजीत सिंह संधू ने कहा है कि सच्ची आजादी को सामाजिक सुधार से अलग नहीं किया जा सकता है। उन्होंने यह बात गुरुवार को दिल्ली के किंग्सवे कैंप स्थित गांधी आश्रम में हरिजन सेवक संघ के 94वें स्थापना दिवस पर आयोजित 'हार्मोनी कॉन्फ्रेंस' को संबोधित करते हुए कही।
- दिल्ली के एलजी ताराजीत सिंह संधू ने कहा कि सच्ची आजादी और सामाजिक सुधार अलग नहीं हो सकते।
- गांधी आश्रम में हरिजन सेवक संघ के 94वें स्थापना दिवस पर 'हार्मोनी कॉन्फ्रेंस' का आयोजन हुआ।
- महात्मा गांधी, डॉ. बी.आर. अंबेडकर और अन्य नेताओं ने जातिगत भेदभाव का विरोध किया।
- युवाओं से न्याय, समरसता और मानवता की सेवा पर आधारित भारत के निर्माण का आह्वान किया गया।
ऐतिहासिक प्रयासों और नेताओं का जिक्र
असमता के खिलाफ ऐतिहासिक प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए उपराज्यपाल ने बताया कि महात्मा गांधी, डॉ. बी.आर. अंबेडकर, पंडित मदन मोहन मालवीय और सरदार तेजा सिंह सम उन्होंने अपने-अपने तरीके से जाति आधारित भेदभाव और छुआछूत का कड़ा विरोध किया था। उन्होंने न्याय, समरसता और मानवता की सेवा पर आधारित भारत के निर्माण के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान को भी दोहराया।
युवाओं की भूमिका और कार्यक्रम में उपस्थिति
संधु ने इस बात पर जोर दिया कि देश के युवाओं को एक विकसित भारत के निर्माण के लिए इन मूल्यों को आगे बढ़ाना चाहिए, जहां प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान और अवसर मिले। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता हरिजन सेवक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष दादा शंकर सान्याल ने की।
कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री संजय पासवान, शिखा सान्याल, संघ की कोषाध्यक्ष उर्मिला श्रीवास्तव, प्रो-चांसलर रंजना झा और सचिव निशा बाला त्यागी सहित कई लोग उपस्थित थे। इस कार्यक्रम की कार्यवाही का संचालन संघ के सचिव संजय राय ने किया।