युवा संगम: दिल्ली यूनिवर्सिटी पहुंचे तमिलनाडु के छात्र, सांस्कृतिक एकता का दिखेगा संगम

एक भारत श्रेष्ठ भारत' के तहत तमिलनाडु सेंट्रल यूनिवर्सिटी के छात्र दिल्ली यूनिवर्सिटी पहुंचे, सांस्कृतिक मेलजोल बढ़ाएंगे।

Kittu Kumari27 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
युवा संगम: दिल्ली यूनिवर्सिटी पहुंचे तमिलनाडु के छात्र, सांस्कृतिक एकता का दिखेगा संगम

देश की सांस्कृतिक विविधता और एकता को बढ़ावा देने के लिए 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' अभियान के तहत एक खास पहल की गई है। इसी कड़ी में 'युवा संगम फेज 7' प्रोग्राम के जरिए सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ तमिलनाडु (CUTN) के छात्रों और शिक्षकों का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) पहुंचा। इस यात्रा का मकसद अलग-अलग राज्यों के युवाओं के बीच संवाद स्थापित करना और एक-दूसरे की परंपराओं को समझना है।

इस कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ दिल्ली यूनिवर्सिटी के वाइस रीगल लॉज में एक गरिमामय समारोह के साथ हुआ। दिल्ली यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह ने तमिलनाडु से आए मेहमानों का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि दिल्ली एक ऐसा शहर है जो पूरे भारत का प्रतिनिधित्व करता है, इसलिए यहां आने वाले छात्र खुद को दिल्ली यूनिवर्सिटी का ही हिस्सा समझें।

विविधता में एकता ही भारत की असली खूबसूरती

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प्रोफेसर सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि भले ही दिल्ली, बिहार, उत्तर प्रदेश और गुजरात जैसे राज्यों की भाषाएं और अभिव्यक्तियाँ अलग हों, लेकिन राष्ट्र और उसके लोग एक हैं। उन्होंने तमिलनाडु की समृद्ध सभ्यता, इतिहास, साहित्य, शास्त्रीय संगीत और परंपराओं की सराहना करते हुए कहा कि तमिलनाडु का राष्ट्रीय संस्कृति में बहुत बड़ा योगदान है।

कुलपति ने छात्रों को एक दिलचस्प सुझाव देते हुए कहा कि वे अपनी इस दिल्ली यात्रा के दौरान कम से कम पांच ऐसी गहरी दोस्ती करें जो जीवनभर बनी रहे। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम केवल औपचारिक आयोजन नहीं होते, बल्कि ये संस्कृतियों और विचारों का एक अनूठा मिलन होते हैं, जो देश के विकास और आपसी समझ को आगे बढ़ाते हैं।

वहीं, दिल्ली यूनिवर्सिटी के गांधी भवन के निदेशक और इस कार्यक्रम के नोडल अधिकारी प्रोफेसर के.पी. सिंह ने बताया कि 'युवा संगम' केवल एक टूर नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा अभियान है जो देश के विभिन्न हिस्सों को भाषाई और सांस्कृतिक रूप से जोड़ता है। यह पहल 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' के विजन की असली बुनियाद है।

इस मौके पर यूनिवर्सिटी के कई वरिष्ठ शिक्षाविद् मौजूद रहे, जिनमें डीन ऑफ कॉलेजेस प्रोफेसर बलराम पानी, NCWEB की डायरेक्टर प्रोफेसर गीता भट्ट, डीन ऑफ स्टूडेंट वेलफेयर प्रोफेसर रंजन त्रिपाठी और डीन ऑफ प्लानिंग प्रोफेसर निरंजन कुमार सहित कई कॉलेजों के प्रिंसिपल शामिल थे।

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