NGMA दिल्ली में 'तकशनम' प्रदर्शनी का आगाज, 150 कलाकारों की कलाकृतियां देख सकेंगे दर्शक
नई दिल्ली के NGMA में 'तकशनम' प्रदर्शनी लगी है, जहाँ 150 से अधिक कलाकारों की 250 मूर्तियाँ प्रदर्शित हैं। कुछ कलाकृतियाँ बिक्री के लिए भी उपलब्ध हैं।

नई दिल्ली की नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट (NGMA) इन दिनों कला प्रेमियों के लिए एक खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। यहाँ भारत की समृद्ध मूर्तिकला विरासत को समर्पित एक भव्य प्रदर्शनी 'तकशनम' का आयोजन किया गया है। 15 अक्टूबर 2026 को शुरू हुई यह प्रदर्शनी 15 नवंबर 2026 तक चलेगी, जिसमें देश की रचनात्मकता और सांस्कृतिक पहचान की झलक देखने को मिलेगी।
इस खास आयोजन का उद्घाटन केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि कला केवल सजावट नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान और रचनात्मक आत्मा की अभिव्यक्ति है। उन्होंने जोर दिया कि इस तरह की पहल से न केवल स्थापित कलाकारों को पहचान मिलती है, बल्कि उभरते हुए हुनर को भी एक बड़ा मंच मिलता है ताकि वे आम जनता और कला पारखियों से जुड़ सकें।
250 से ज्यादा मूर्तियां और कलाकारों का संगम
इस प्रदर्शनी की सबसे बड़ी खासियत इसमें शामिल विविधता है। 'तकशनम' में 150 से अधिक नामी और उभरते हुए कलाकारों द्वारा बनाई गई 250 से ज्यादा मूर्तियां प्रदर्शित की गई हैं। खास बात यह है कि इनमें से करीब 80 से 90 कलाकारों का चयन एक 'ओपन कॉल' के जरिए किया गया है, जिससे नए टैलेंट को मौका मिला है।
संस्कृति मंत्रालय के सचिव श्री विवेक अग्रवाल ने बताया कि सरकार का लक्ष्य कलाकारों के लिए एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार करना है, जहाँ रचनाकारों और संग्राहकों (collectors) के बीच सीधा संवाद हो सके।
एक अनोखी पहल के तौर पर, NGMA ने इस बार चुनिंदा कलाकृतियों को बिक्री के लिए उपलब्ध कराया है। NGMA के महानिदेशक डॉ. संजीव किशोर गौतम ने बताया कि मूर्तिकला में समय, मेहनत और काफी पूंजी निवेश करनी पड़ती है, इसलिए यह कदम समकालीन कलाकारों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से उठाया गया है। हालांकि, गैलरी ने स्पष्ट किया है कि प्रदर्शनी की सभी चीजें बिक्री के लिए नहीं हैं, खासकर स्थायी संग्रह की कलाकृतियां। जो लोग इन्हें खरीदना चाहते हैं, वे कीमत और प्रक्रिया की जानकारी के लिए सीधे गैलरी से संपर्क कर सकते हैं।