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दिल्ली दंगे: आईबी कर्मचारी अंकित शर्मा हत्याकांड में पूर्व आप नेता ताहिर हुसैन को उम्रकैद

Kittu Kumari31 July 20261 min read25 views
दिल्ली दंगे: आईबी कर्मचारी अंकित शर्मा हत्याकांड में पूर्व आप नेता ताहिर हुसैन को उम्रकैद

दिल्ली की एक अदालत ने 2020 के पूर्वोत्तर दिल्ली दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) स्टाफ मेंबर अंकित शर्मा की हत्या के मामले में गुरुवार, 31 जुलाई 2026 को पूर्व आम आदमी पार्टी (AAP) पार्षद ताहिर हुसैन और चार अन्य सह-दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कड़कड़डूमा कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने यह फैसला सुनाया। इससे पहले अदालत ने 13 जुलाई 2026 को ताहिर हुसैन और अन्य चार दोषियों—नाज़िम, कासिम, जावेद और अनस को दोषी ठहराया था। अदालत ने 27 जुलाई 2026 को सजा की अवधि पर बहस पूरी करने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

अदालत ने अभियोजन पक्ष की मौत की सजा की मांग को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि यह मामला "रेयरेस्ट ऑफ रेयर" श्रेणी में नहीं आता है और अभियोजन पक्ष यह साबित करने में असफल रहा कि दोषियों में सुधार की गुंजाइश नहीं है। हालांकि, जज सिंह ने इस अपराध को "अत्यंत क्रूरता" वाला, "घृणित" और "केवल धार्मिक आधार पर" किया गया कृत्य बताया। जज ने टिप्पणी की कि अंकित शर्मा के "शव को जानवर की तरह घसीटा गया और नाले में फेंक दिया गया"। स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर मधुकर पांडे ने दलील दी थी कि शर्मा के शरीर पर 51 घाव थे, जिनमें से 18 धारदार हथियारों से किए गए थे।

अंकित शर्मा 25 फरवरी 2020 को पूर्वोत्तर दिल्ली में भड़की सांप्रदायिक हिंसा के दौरान लापता हो गए थे और 26 फरवरी 2020 को उनका शव एक नाले से बरामद किया गया था। उनके पिता रविंद्र कुमार ने शुरुआती FIR दर्ज कराई थी। सजा सुनाए जाने के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने फैसले का स्वागत किया। इसके विपरीत, ताहिर हुसैन ने इस फैसले को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती देने की अपनी मंशा जताई और ट्रायल को "फिक्स मैच" बताया।

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