दिल्ली दंगे: IB अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच को उम्रकैद की सजा

दिल्ली दंगों के दौरान Intelligence Bureau (IB) अधिकारी Ankit Sharma की हत्या के मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 को बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद Tahir Hussain और चार अन्य सह-आरोपियों को life imprisonment (उम्रकैद) की सजा सुनाई है। एडिशनल सेशंस जज Praveen Singh ने यह फैसला सुनाया है। इससे पहले 13 जुलाई 2026 को अदालत ने ताहिर हुसैन के अलावा जावेद, अनस, नाजिम और कासिम को दोषी करार दिया था।
- दिल्ली दंगों के दौरान IB अधिकारी Ankit Sharma की हत्या का मामला।
- कड़कड़डूमा कोर्ट के एडिशनल सेशंस जज Praveen Singh ने सुनाया फैसला।
- पूर्व पार्षद Tahir Hussain और चार अन्य को उम्रकैद की सजा मिली।
- दोषियों ने Delhi High Court में फैसले को चुनौती देने की बात कही।
भारतीय दंड संहिता (IPC) की इन धाराओं के तहत हुई सजा
दोषियों को Indian Penal Code (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी पाया गया था। इनमें धारा 302 (हत्या), 365 (अपहरण), 147 और 148 (दंगा भड़काना), 153A (विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना), और 188 (लोक सेवक के आदेश की अवहेलना) शामिल हैं, जिन्हें धारा 149 (गैरकानूनी सभा) के साथ पढ़ा गया। Delhi Police की ओर से Special Public Prosecutor Madhukar Pandey ने हत्या की क्रूर प्रकृति का हवाला देते हुए मौत की सजा की मांग की थी, लेकिन अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई और कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित नहीं कर सका कि दोषी सुधार से परे हैं। जज ने इस अपराध को अत्यंत क्रूरता वाला और समाज को झकझोर देने वाली गंभीर घटना बताया।
दोषियों की प्रतिक्रिया और आगे की कानूनी कार्रवाई
इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए Vishwa Hindu Parishad (VHP) के National Spokesperson Vinod Bansal ने कहा कि "छह साल बाद इस फैसले से यह साफ हो गया है कि कैसे ताहिर हुसैन के घर और उसकी छत का इस्तेमाल हिंदुओं के खिलाफ किया गया था", रिपोर्ट्स के मुताबिक। सजा सुनाए जाने के तुरंत बाद, Tahir Hussain ने अपनी सजा और कनविक्शन को Delhi High Court में चुनौती देने के अपने इरादे का ऐलान किया और वहां न्याय मिलने का भरोसा जताया।