2020 दिल्ली दंगे: पूर्व AAP पार्षद ताहिर हुसैन दोषी करार, कोर्ट ने सुनाया फैसला

साल 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़के भीषण दंगों के मामले में पूर्व आम आदमी पार्टी (AAP) पार्षद ताहिर हुसैन की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। दिल्ली की एक अदालत ने ताहिर हुसैन को दंगों के दौरान हुई हिंसा और आगजनी को उकसाने के आरोप में दोषी पाया है। कड़कड़डूमा कोर्ट के एडिशनल सेशन जज प्रवीण सिंह ने यह फैसला सुनाया है।
यह पूरा मामला दयालपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर नंबर 120/2020 से जुड़ा है। आरोप था कि दंगों के दौरान इरशाद अली और मोहम्मद जाहिद नामक दो शिकायतकर्ताओं की दुकानों को लूटा गया और उनमें आग लगा दी गई थी। पुलिस जांच के दौरान दो कांस्टेबलों ने ताहिर हुसैन की पहचान की थी, जिन्होंने गवाही दी कि इस हिंसा में हुसैन की अहम भूमिका थी। कोर्ट ने हुसैन को आईपीसी की धारा 147 और 109 के तहत दंगों को उकसाने का दोषी माना है।
12 सह-आरोपी बरी, सजा पर 16 नवंबर को होगी सुनवाई
हालांकि, इस मामले में कोर्ट ने ताहिर हुसैन के साथ नामजद 12 अन्य सह-आरोपियों को बरी कर दिया है। बरी होने वालों में मोहम्मद शादाब, शाह आलम, रियासत अली, गुलफाम, राशिद, मोहम्मद रिहान, मोहम्मद आबिद, अरशद कय्यूम, इरशाद अहमद, दीपक सिंह सैनी, नवनीत और महक सिंह शामिल हैं।
बता दें कि ताहिर हुसैन के लिए यह 2020 के दंगों में दूसरी बड़ी कानूनी हार है। इससे पहले जुलाई में उन्हें इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है। गौरतलब है कि दंगों के दौरान लगे गंभीर आरोपों के बाद आम आदमी पार्टी ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया था। 2020 के उन दंगों में कुल 53 लोगों की जान गई थी और संपत्ति का भारी नुकसान हुआ था। अब कोर्ट ने ताहिर हुसैन की सजा की अवधि तय करने के लिए अगली सुनवाई 16 नवंबर तय की है।