2020 दिल्ली दंगे: पूर्व AAP पार्षद ताहिर हुसैन दंगे भड़काने के मामले में दोषी करार

साल 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़की हिंसा के मामले में पूर्व आम आदमी पार्टी (AAP) पार्षद ताहिर हुसैन को एक बड़ा कानूनी झटका लगा है। कड़कड़डूमा कोर्ट ने ताहिर हुसैन को दंगे भड़काने और उकसाने (abetment to rioting) का दोषी पाया है। अदालत ने उन्हें भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 147 और 109 के तहत दोषी ठहराया है। हालांकि, इसी मामले में कोर्ट ने 12 अन्य सह-आरोपियों को सभी आरोपों से बरी कर दिया है।
यह पूरा मामला फरवरी 2020 में हुई हिंसा से जुड़ा है। इस केस की शुरुआत दुकानदार इरशाद अली की एक शिकायत से हुई थी, जिन्होंने आरोप लगाया था कि 24 फरवरी 2020 को उनकी दुकान में लूटपाट की गई और उसे आग के हवाले कर दिया गया था। सुनवाई के दौरान एक अन्य गवाह मोहम्मद जाहिद ने कोर्ट को बताया कि हिंसा के दौरान दंगाइयों द्वारा ताहिर हुसैन के समर्थन में नारे लगाए जा रहे थे। इस मामले में आईपीसी की विभिन्न धाराओं जैसे 147, 148, 149, 427, 436 और 120B के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी।
सजा पर 16 नवंबर को होगी सुनवाई
अदालत ने ताहिर हुसैन को दोषी तो करार दे दिया है, लेकिन उन्हें कितनी सजा दी जाएगी, इस पर बहस 16 नवंबर को होगी। गौरतलब है कि 2020 के दंगों से जुड़े मामलों में यह ताहिर हुसैन के लिए दूसरी बड़ी कानूनी हार है। इससे पहले जुलाई में, इंटेलिजेंस ब्यूरो के कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है। उस मामले में विशेष सरकारी वकील मधुकर पांडे ने पीड़ित के शरीर पर मिले 51 जख्मों का हवाला देते हुए मौत की सजा की मांग की थी।
उम्रकैद की उस सजा के खिलाफ ताहिर हुसैन ने दिल्ली हाई कोर्ट में अपील दायर की है, जिस पर अगली सुनवाई 2 दिसंबर को होनी तय है। फिलहाल, कड़कड़डूमा कोर्ट के इस ताजा फैसले ने एक बार फिर पूर्व पार्षद की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।