NCR की सोसाइटियों में ताइक्वांडो और बैडमिंटन बने सबसे लोकप्रिय खेल

Kittu Kumari26 September 20262 min read3 viewsNCR
NCR की सोसाइटियों में ताइक्वांडो और बैडमिंटन बने सबसे लोकप्रिय खेल

दिल्ली-एनसीआर की सोसाइटियों में बच्चों के बीच खेलकूद का ट्रेंड तेजी से बदल रहा है। FanToPark Play के आंकड़ों के अनुसार, ताइक्वांडो और बैडमिंटन अब कुल खेले जाने वाले खेलों का लगभग आधा हिस्सा बन चुके हैं। यह डेटा गुरुग्राम, नोएडा, द्वारका और अन्य एनसीआर क्षेत्रों की 95 से अधिक आवासीय सोसाइटियों में 1,000 से अधिक बच्चों की कोचिंग के आधार पर सामने आया है।

एनसीआर सोसाइटियों में खेलों के आंकड़े

जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक,ताइक्वांडो 25 प्रतिशत भागीदारी के साथ इन सोसाइटियों में सबसे ज्यादा खेला जाने वाला खेल बन गया है। इसके बाद बैडमिंटन 22 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर है। इन दोनों खेलों को मिलाकर कुल खेलने वाले बच्चों का लगभग आधा हिस्सा बनता है। इसके बाद स्केटिंग 12 प्रतिशत, फुटबॉल 10 प्रतिशत, टेबल टेनिस 8 प्रतिशत, टेनिस 6 प्रतिशत और बास्केटबॉल 5 प्रतिशत पर है। क्रिकेट, योग, तैमूर और जुम्बा बाकी हिस्से में शामिल हैं। ओलंपिक कार्यक्रम से तुलना करने पर यह सामने आता है कि इनमें से लगभग दस में से आठ बच्चे ऐसे खेल का प्रशिक्षण ले रहे हैं जो लॉस एंजिल्स 2028 में शामिल होंगे। क्रिकेट भी इनमें से एक है जो 126 साल बाद वापसी कर रहा है।

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बदलता ट्रेंड और अभिभावकों की भूमिका

बदलाव यह आया है कि अब सोसाइटियों में निश्चित समय पर प्रमाणित कोच के साथ कक्षाएं चल रही हैं। FanToPark के संस्थापक अमित पुरोहित ने कहा कि एक पिता जिसने अपना पूरा जीवन गली क्रिकेट खेला है, वह अपनी बेटी को ताइक्वांडो या स्केटिंग सिखा रहा है। वह उसे कोचिंग नहीं दे सकता और न ही साथ खेल सकता है, लेकिन फिर भी वह ऐसा कर रहा है। कमी केवल व्यवस्थित तरीके से कोच को इमारत तक लाने वाले की थी।

ओलंपिक 2036 और जमीनी स्तर पर तैयारी

भारत ने 2036 ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों के लिए अहमदाबाद को अपने मेजबान शहर के रूप में नामित किया है। अक्सर आलोचना यह होती है कि भारत की ओलंपिक महत्वाकांक्षा शीर्ष से नीचे की ओर है, जो अभिजात वर्ग के खिलाड़ियों और स्टेडियमों के आसपास बनी है। लेकिन जमीनी स्तर पर बदलाव गुरुग्राम की किसी सोसाइटी की शाम की ताइक्वांडो क्लास से दिख रहा है। नोटिस बोर्ड से ताइक्वांडो चुनने वाली बच्ची 2036 तक अपने बीसवें दशक में होगी और इस तरह के हजारों बच्चे पहले से ही ओलंपिक खेलों से जुड़े प्रशिक्षण ले रहे हैं।

इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए FanToPark की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं, जो भारत में खेल यात्रा और जमीनी स्तर पर कोचिंग प्रदान करती है।

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