नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति, बोले- भारत में दिख रहा है 'स्विस टच'

स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ बर्नार्ड पारमेलिन अपनी तीन दिवसीय भारत यात्रा के दौरान नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) पहुंचे। हवाई अड्डे की आधुनिक सुविधाओं और निर्माण कार्य को देखते हुए राष्ट्रपति पारमेलिन ने इसे भारत में 'स्विस टच' करार दिया। उन्होंने इस प्रोजेक्ट को सफल बनाने में यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (YIAPL) की अहम भूमिका की सराहना की, जो ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी की सहायक कंपनी है।
ज्यूरिख और नोएडा के बीच सीधी कनेक्टिविटी पर चर्चा
राष्ट्रपति पारमेलिन के साथ 65 सदस्यों का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल था, जिसमें उनकी पत्नी, स्विस राजदूत, नेशनल काउंसिल सदस्य, राज्य सचिव और करीब 40 बड़े उद्योगपति शामिल थे। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव दीपक कुमार और इन्वेस्ट यूपी के सीईओ विजय किरण आनंद ने उनका स्वागत किया।
दौरे के दौरान राष्ट्रपति और उनके प्रतिनिधिमंडल ने एयरपोर्ट के टर्मिनल, एटीसी टॉवर और कार्गो सुविधाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। इस मौके पर ज्यूरिख और नोएडा के बीच सीधी हवाई कनेक्टिविटी शुरू करने की संभावनाओं पर भी गंभीर चर्चा हुई, जिससे भविष्य में व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।
सुरक्षा के लिहाज से इस दौरे को बेहद खास रखा गया था। जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस डॉ. राजीव नारायण मिश्रा ने पूरी सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाली, जबकि नोडल अधिकारी शैलेंद्र कुमार भाटिया ने सभी इंतजामों की पुष्टि की।
बता दें कि यह दौरा 5 से 7 अक्टूबर 2026 के बीच आयोजित एक व्यापक राजनयिक यात्रा का हिस्सा था, जिसमें राष्ट्रपति पारमेलिन ने भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की। जेवर एयरपोर्ट ने 6 मार्च 2026 को डीजीसीए लाइसेंस प्राप्त किया था और जून 2026 से यहां कमर्शियल व कार्गो ऑपरेशन शुरू हो चुके हैं। दिसंबर 2026 से यहां अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू होने की उम्मीद है, जो भारत और स्विट्जरलैंड के बीच आर्थिक संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ेगा।