ऐतिहासिक सिल्वर जीतने के बाद भावुक हुईं स्वाति चौधरी, दिल्ली एयरपोर्ट पर पैरा-आर्चरी टीम का जोरदार स्वागत
एशियाई पैरा गेम्स में इतिहास रचने वाली पैरा-आर्चरी टीम का दिल्ली एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत। स्वाति चौधरी ने जीता पहला W1 सिल्वर मेडल।

जापान में आयोजित एशियाई पैरा गेम्स 2026 में भारत का नाम रोशन कर लौटी पैरा-आर्चरी टीम का रविवार को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भव्य स्वागत किया गया। इस मौके पर इतिहास रचने वाली तीरंदाज स्वाति चौधरी काफी भावुक नजर आईं। स्वाति ने महिला W1 व्यक्तिगत स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीतकर देश के लिए इस कैटेगरी में पहला पदक हासिल किया है।
हवाई अड्डे पर मीडिया से बात करते हुए स्वाति ने कहा कि यह उनके लिए एक बहुत ही भावुक और बड़ा पल है। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि को देश, अपने कोच और परिवार को समर्पित किया। स्वाति ने बताया कि जापान में मौसम एक चुनौती थी, लेकिन कोच के मार्गदर्शन और सही ट्रेनिंग की वजह से वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर पाईं। हालांकि फाइनल मुकाबले में वे चीन की मेंगकन सेन से 4-6 से हार गईं, लेकिन इस पदक ने उनके करियर में एक नया मील का पत्थर स्थापित कर दिया है।
इतिहास रचने वाली अन्य खिलाड़ियों की संघर्ष गाथा
इस प्रतियोगिता में केवल स्वाति ही नहीं, बल्कि अन्य भारतीय तीरंदाजों ने भी कमाल किया। भावना चौधरी और पूजा जाट्यान ने महिला रिकर्व डबल्स इवेंट में सिल्वर जीतकर इतिहास रचा। पूजा, जो एक सिंगल मदर हैं, ने अपनी व्यक्तिगत चुनौतियों का जिक्र करते हुए बताया कि यह पदक उनके जीवन में बहुत मायने रखता है। उन्होंने अपना मेडल अपने स्वर्गीय पिता को समर्पित किया।
वहीं, शीतल देवी और पायल नाग ने महिला पैरा कंपाउंड डबल्स में सिल्वर मेडल जीता। पायल ने बताया कि हवाओं के तेज बहाव के कारण शूटिंग करना मुश्किल था, लेकिन उन्होंने संयम बनाए रखा। पायल अब बिना किसी ब्रेक के चयन ट्रायल की तैयारी में जुट रही हैं।
भारत ने इस बार पैरा-आर्चरी में कुल छह पदक (तीन स्वर्ण और तीन रजत) जीते। पूरे एशियाई पैरा गेम्स में भारत ने कुल 114 पदक जीतकर अपना पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया है। एयरपोर्ट पर भारतीय तीरंदाजों का स्वागत करने के लिए भारतीय तीरंदाजी संघ (AAI) के अध्यक्ष अर्जुन मुंडा और भाजपा नेता वीरेंद्र सचदेवा भी मौजूद रहे। सचदेवा ने खिलाड़ियों के जज्बे की तारीफ करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों और चुनौतियों से लड़कर इन खिलाड़ियों ने देश का मान बढ़ाया है।