स्वतंत्र भारद्वाज को मिली नियमित जमानत, कोर्ट ने यात्रा प्रतिबंध की याचिका ठुकराई

जंतर मंतर पर हुए एक विवादित मारपीट मामले में फंसे हिंदुत्व इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज के लिए राहत की खबर आई है। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने उन्हें नियमित जमानत दे दी है। यह मामला संजय आजाद (संजय कुमार) के साथ कथित मारपीट से जुड़ा है, जिसमें भारद्वाज आरोपी थे। विशेष न्यायाधीश (SC/ST एक्ट) एसपीएस लालेर ने 6 अक्टूबर 2026 को यह आदेश जारी किया।
दरअसल, स्वतंत्र भारद्वाज को पहले 15 सितंबर 2026 को तीन हफ्ते की अंतरिम जमानत दी गई थी। कोर्ट ने पाया कि इस अवधि के दौरान भारद्वाज ने जमानत की सभी शर्तों का पूरी तरह पालन किया, जिसके आधार पर अब उन्हें नियमित जमानत दे दी गई है।
NCR से बाहर जाने पर नहीं लगी पाबंदी
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मांग की थी कि आरोपी को दिल्ली एनसीआर (NCR) से बाहर जाने से रोका जाए, ताकि जांच प्रभावित न हो। हालांकि, अदालत ने इस याचिका को खारिज कर दिया और उनकी यात्रा पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया। इस मामले में भारद्वाज की पैरवी वकील उमेश चंद्र शर्मा ने की, जबकि शिकायतकर्ता की ओर से वकील स्वाति खन्ना पेश हुईं।
पूरा मामला 23 जून 2026 का है, जब 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) द्वारा जंतर मंतर पर एक विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया था। इसी दौरान मारपीट की घटना हुई थी। दिल्ली पुलिस ने 4 या 5 सितंबर 2026 को भारद्वाज को गिरफ्तार किया था। शिकायतकर्ता अनुसूचित जाति समुदाय से होने के कारण बाद में इस मामले में SC/ST एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गईं।
पुलिस जांच में यह बात सामने आई थी कि संजय आजाद को आई चोटें साधारण किस्म की थीं और संभवतः यह चोट एक स्टील के कड़े (bracelet) से लगी थीं। गौरतलब है कि अंतरिम जमानत के दौरान कोर्ट ने भारद्वाज को सख्त हिदायत दी थी कि वे इस मामले या शिकायतकर्ता के परिवार के बारे में कोई सार्वजनिक बयान न दें, इंटरव्यू न करें और सोशल मीडिया पर कुछ भी पोस्ट न करें। कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि जमानत न्यायिक विश्वास का प्रतीक है, इसे सार्वजनिक प्रदर्शन की ट्रॉफी नहीं समझना चाहिए।