CJP मारपीट मामला: सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली कोर्ट से मिली नियमित जमानत

दिल्ली की एक अदालत ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को उन्हें नियमित जमानत दे दी। दरअसल, भारद्वाज तीन हफ्ते की अंतरिम जमानत पर बाहर थे और इस दौरान उनके आचरण की निगरानी की जा रही थी, जिसके बाद अब उन्हें रेगुलर बेल दे दी गई है।
पूरा मामला 23 जून 2026 का है, जब जंतर मंतर पर एक विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर मारपीट की घटना हुई थी। इस घटना में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के एक दलित छात्र कार्यकर्ता के पिता शामिल थे। इस मामले में विवाद तब और बढ़ गया जब भारद्वाज ने एक इंटरव्यू में इस घटना को लेकर कुछ दावे किए, जिसके बाद CJP नेताओं ने उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इसके बाद 4 सितंबर 2026 को उन्हें उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया गया और दिल्ली पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी की।
गंभीर धाराओं में दर्ज था मामला
शुरुआत में स्वतंत्र भारद्वाज पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2) और 126(2) के तहत गलत तरीके से रोकने और साधारण चोट पहुँचाने के आरोप लगे थे। हालांकि, बाद में इस मामले में गंभीरता बढ़ गई और इसमें SC/ST एक्ट के साथ-साथ नाबालिग कार्यकर्ता निशु आजाद से जुड़े मामले में पोक्सो (POCSO) एक्ट की धाराएं भी जोड़ दी गईं।
जमानत की प्रक्रिया के दौरान भारद्वाज के वकील उमेश चंद्र शर्मा ने उनकी रिहाई के लिए दलीलें पेश कीं, जबकि शिकायतकर्ता की ओर से वकील स्वाति खन्ना ने जमानत का विरोध किया। इससे पहले 15 सितंबर को पटियाला हाउस कोर्ट ने उन्हें तीन हफ्ते की अंतरिम जमानत दी थी, लेकिन इसके साथ सख्त शर्तें रखी थीं। जज सौरभ प्रताप सिंह लालर ने स्पष्ट किया था कि कोर्ट का भरोसा कोई ट्रॉफी नहीं है जिसे सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए इस्तेमाल किया जाए। उन्हें निर्देश दिया गया था कि वे शिकायतकर्ता संजय आजाद या किसी भी गवाह से संपर्क न करें और न ही सोशल मीडिया पर इस केस से जुड़ी कोई पोस्ट डालें। तिहार जेल से 18 सितंबर को रिहा होने के बाद उनके व्यवहार का मूल्यांकन किया गया, जिसके आधार पर अब उन्हें नियमित जमानत मिली है।