एलजी ने सुवर्णा राज को बनाया दिल्ली का स्टेट कमिश्नर, दिव्यांगजनों को मिलेंगी नई उम्मीदें
पैरालंपिक गोल्ड मेडलिस्ट सुवर्णा राज को दिल्ली के एलजी ने दिव्यांगजनों के लिए स्टेट कमिश्नर नियुक्त किया है।

दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने एक बड़ा फैसला लेते हुए पैरालंपिक खिलाड़ी और एशियाई पैरा गेम्स 2026 की गोल्ड मेडलिस्ट सुवर्णा राज को दिल्ली में दिव्यांगजनों के लिए स्टेट कमिश्नर नियुक्त किया है। 23 अक्टूबर 2026 से प्रभावी इस नियुक्ति का मकसद दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा करना और उनके लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करना है। सुवर्णा राज स्टेट कमिश्नर के रूप में अब दिल्ली के दिव्यांगजनों की आवाज बनेंगी।
यह नियुक्ति एक लंबी और पारदर्शी चयन प्रक्रिया के बाद हुई है। साल 2024 में चयन का प्रयास असफल रहने के बाद, जुलाई 2026 में राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर विज्ञापन निकालकर नए आवेदन मांगे गए थे। मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली एक विशेष चयन समिति, जिसमें समाज कल्याण, शिक्षा, राजस्व और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे, ने इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी की। कुल 18 आवेदकों में से 15 योग्य पाए गए और अंत में तीन उम्मीदवारों के पैनल में से सुवर्णा राज का चयन किया गया।
खेलों से समाज सेवा तक का सफर
ग्रेटर नोएडा की रहने वाली 44 वर्षीय सुवर्णा राज एक व्हीलचेयर यूजर हैं और भारत की एक decorated पैरा-एथलीट हैं। उन्होंने तीन एशियाई पैरा गेम्स में देश का प्रतिनिधित्व किया है। हाल ही में जापान के आइची-नागोया में हुए 2026 एशियाई पैरा गेम्स में उन्होंने F54 डिस्कस थ्रो में 15.66 मीटर की दूरी तय कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इसके अलावा, दुबई वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स ग्रैंड प्रिक्स में कांस्य पदक और जनवरी 2026 में कैनबरा ट्रैक मीट में भी उन्होंने पदक जीते हैं।
खेलों के अलावा सुवर्णा राज एक एक्सेसिबिलिटी स्पेशलिस्ट भी हैं। उन्होंने अब तक 1,000 से अधिक एक्सेसिबिलिटी ऑडिट किए हैं, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि सार्वजनिक स्थान दिव्यांगों के लिए सुलभ हों। वे भारतीय चुनाव आयोग की 'एक्सेसिबल इलेक्शन्स' पहल की ब्रांड एंबेसडर भी रह चुकी हैं। उनकी खेल उपलब्धियों को सरकार के ट्रेनिंग और कॉम्पिटिशन प्रोग्राम के जरिए लगातार समर्थन मिलता रहा है।