दिल्ली: गोल्ड मेडलिस्ट सुवर्णा राज बनीं राज्य विकलांग आयुक्त, LG ने दी मंजूरी
दिल्ली के एलजी ने एशियाई पैरा गेम्स गोल्ड मेडलिस्ट सुवर्णा राज को राज्य विकलांग आयुक्त नियुक्त किया है। पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।

दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) तरनजीत सिंह संधू ने एक बड़ा फैसला लेते हुए मशहूर पैरा-एथलीट और एशियाई पैरा गेम्स 2026 की गोल्ड मेडलिस्ट सुवर्णा राज को दिल्ली का राज्य विकलांग आयुक्त (State Commissioner for Persons with Disabilities) नियुक्त किया है। यह नियुक्ति एक लंबी चयन प्रक्रिया के बाद की गई है, जिससे दिव्यांगजनों के अधिकारों और कल्याण की देखरेख के लिए अब एक अनुभवी चेहरा सामने आया है।
सुवर्णा राज का चयन सर्च-कम-सिलेक्शन कमेटी द्वारा सुझाई गई तीन उम्मीदवारों की पैनल लिस्ट में से किया गया। उपराज्यपाल ने कमेटी की बैठक के मिनट्स और उम्मीदवारों के रिकॉर्ड्स का बारीकी से अध्ययन करने के बाद इस निर्णय पर मुहर लगाई। गौरतलब है कि पिछले आयुक्त का कार्यकाल समाप्त होने के बाद से यह महत्वपूर्ण पद खाली पड़ा था। इससे पहले 2024 में भी चयन प्रक्रिया शुरू हुई थी, लेकिन तब किसी उम्मीदवार का चुनाव नहीं हो पाया था।
कड़ी चयन प्रक्रिया के बाद मिली जिम्मेदारी
इस पद के लिए जुलाई 2026 में राष्ट्रीय और राज्य स्तर के समाचार पत्रों में विज्ञापन जारी कर आवेदन मांगे गए थे। समाज कल्याण विभाग को कुल 18 आवेदन मिले, जिनमें से आंतरिक जांच समिति ने 15 उम्मीदवारों को योग्य पाया। इसके बाद 20 अगस्त 2026 को कमेटी ने 13 योग्य उम्मीदवारों के साथ व्यक्तिगत बातचीत की।
चयन समिति, जिसकी अध्यक्षता मुख्य सचिव कर रहे थे, ने उम्मीदवारों की योग्यता, पेशेवर अनुभव और दिव्यांगजनों के अधिकारों व कल्याण से जुड़ी उनकी समझ का आकलन किया। गहन विचार-विमर्श के बाद समिति ने सर्वसम्मति से तीन नाम एलजी को भेजे, जिनमें से सुवर्णा राज को अंतिम रूप से चुना गया।
नियमों के मुताबिक, राज्य विकलांग आयुक्त की नियुक्ति 'दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016' की धारा 79 के तहत की जाती है। दिल्ली के नियमों के अनुसार, यह एक पूर्णकालिक पद है। सुवर्णा राज का कार्यकाल कार्यभार संभालने की तारीख से तीन साल तक या 65 वर्ष की आयु तक (जो भी पहले हो) रहेगा।