सुवर्णा राज बनीं दिल्ली स्टेट कमिश्नर, दिव्यांगजनों के अधिकारों की संभालेंगी कमान
पैरालंपियन सुवर्णा राज को दिल्ली में दिव्यांगजनों के लिए राज्य आयुक्त नियुक्त किया गया है। जानें उनकी उपलब्धियां और नई जिम्मेदारी।

दिल्ली में दिव्यांगजनों के अधिकारों की रक्षा और उनकी सुविधाओं की निगरानी के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। उपराज्यपाल तरुणजीत सिंह संधू ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को मशहूर पैरा-एथलीट और एक्सेसिबिलिटी एडवोकेट सुवर्णा राज को 'स्टेट कमिश्नर फॉर पर्सन्स विद डिसेबिलिटीज़' नियुक्त किया है। यह नियुक्ति दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 की धारा 79 के तहत की गई है।
सुवर्णा राज की यह नियुक्ति उनके लिए दोहरी खुशी लेकर आई है। इस घोषणा से महज एक दिन पहले ही उन्होंने जापान के नागोया में आयोजित एशियाई पैरा गेम्स में महिलाओं की F54 डिस्कस थ्रो स्पर्धा में 15.66 मीटर के थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीतकर देश का मान बढ़ाया था। सुवर्णा न केवल एक खिलाड़ी हैं, बल्कि एक्सेसिबिलिटी स्पेशलिस्ट के तौर पर भी जानी जाती हैं और पूर्व में भारतीय चुनाव आयोग की ब्रांड एंबेसडर भी रह चुकी हैं।
हाई कोर्ट के आदेश के बाद हुई नियुक्ति
बता दें कि यह नियुक्ति दिल्ली हाई कोर्ट के एक कड़े निर्देश के बाद संभव हो पाई है। सौरभ दीक्षित द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने 6 अक्टूबर 2026 को दिल्ली सरकार को चार सप्ताह के भीतर इस पद को भरने का आदेश दिया था। इससे पहले 2024 में भी चयन की कोशिश की गई थी, लेकिन तब कोई नियुक्ति नहीं हो सकी थी।
इस चयन प्रक्रिया को मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली एक विशेष सर्च-कम-सिलेक्शन कमेटी ने पूरा किया। इस कमेटी में समाज कल्याण, शिक्षा, राजस्व और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। 20 अगस्त 2026 को हुई बैठक में कुल 18 आवेदकों में से 13 उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया गया, जिसके बाद सुवर्णा राज के नाम पर मुहर लगी।
राज्य आयुक्त का यह पद पूर्णकालिक होता है, जिसकी अवधि तीन साल या 65 वर्ष की आयु तक (जो भी पहले हो) होती है। इस पद को सिविल कोर्ट के समान अर्ध-न्यायिक शक्तियां प्राप्त हैं। सुवर्णा राज अब दिव्यांगजनों के अधिकारों के कार्यान्वयन की निगरानी करेंगी, नियमों के उल्लंघन की जांच करेंगी और गवाहों को समन भेजने जैसे महत्वपूर्ण कार्य संभालेंगी।