सस्पेंड दिल्ली ACP मनस्वी वशिष्ठ ने तोड़ी चुप्पी, बोले- मैं निराश नहीं, सच की जीत होगी
दिल्ली पुलिस के सस्पेंड ACP मनस्वी वशिष्ठ ने वीडियो जारी कर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि वे निराश नहीं बल्कि और मजबूत महसूस कर रहे हैं।

दिल्ली पुलिस के सस्पेंड असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) मनस्वी वशिष्ठ ने अपने निलंबन के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से अपनी प्रतिक्रिया दी है। मंगलवार को एक वीडियो जारी करते हुए वशिष्ठ ने साफ तौर पर कहा कि इस अनुशासनात्मक कार्रवाई ने उन्हें तोड़ा नहीं है, बल्कि वे अब पहले से ज्यादा मजबूत महसूस कर रहे हैं। उन्होंने देश की न्यायिक प्रक्रिया और कानून पर भरोसा जताते हुए कहा कि अंततः सच की ही जीत होगी और उन्हें न्याय मिलेगा।
इस पूरे विवाद की जड़ 23 अक्टूबर को शाहदरा पुलिस स्टेशन में वकीलों और पुलिस अधिकारियों के बीच हुई एक तीखी झड़प है। बताया जाता है कि इस टकराव के दौरान एक वकील के सिर में चोट आई थी, जिसके बाद विभाग ने कड़ा रुख अपनाया। इसी मामले के चलते 28 अक्टूबर को ACP मनस्वी वशिष्ठ और SHO अरुण कुमार का तबादला कर दिया गया था।
तबादले के विरोध में सड़क पर उतरे थे पुलिसकर्मी
तबादले के आदेशों से असंतुष्ट मनस्वी वशिष्ठ ने 2 नवंबर को जय सिंह रोड स्थित दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर एक बड़े विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया था। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी शामिल हुए थे, जिन्होंने पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार से मिलकर अपनी शिकायतें दर्ज कराने और तबादला आदेश वापस लेने की मांग की थी।
अपने वीडियो संदेश में ACP वशिष्ठ ने उन सभी समर्थकों का आभार व्यक्त किया जो हालिया बैठकों में उनके साथ खड़े रहे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनके समर्थकों की चिंताओं को दूर किया जाएगा और जल्द ही इसका समाधान निकाला जाएगा।
निलंबन की शर्तों के मुताबिक, मनस्वी वशिष्ठ को अब दिल्ली में अपने मुख्यालय में ही रहना होगा। वे बिना अनुमति के शहर नहीं छोड़ सकते और इस अवधि के दौरान उन्हें केवल 50 प्रतिशत वेतन (निर्वाह भत्ता) दिया जाएगा।