दिल्ली में नाबालिगों के खिलाफ अपराधों में भारी वृद्धि, सुरक्षा को लेकर जनता में चिंता

दिल्ली में पिछले दो हफ्तों के दौरान नाबालिगों के साथ यौन उत्पीड़न और सामूहिक बलात्कार की चार गंभीर घटनाओं ने राष्ट्रीय राजधानी में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बढ़ा दी है। देशबंधु गुप्ता रोड, सदर बाजार, कालकाजी और स्वरूप नगर में सामने आई इन घटनाओं के बाद कानून व्यवस्था पर जनता का गुस्सा फूट पड़ा है। पिछले 24 घंटों और उससे पहले दर्ज की गई मुख्य घटनाओं में 22 सितंबर 2026 को कालकाजी मंदिर के पास एक 17 वर्षीय लड़की के साथ कथित सामूहिक बलात्कार शामिल है। पुलिस मुठभेड़ के बाद आसिफ नामक एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दो अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। आरोपी वारदात के दौरान पुलिसकर्मी बनकर आए थे। 21 सितंबर 2026 को सेंट्रल दिल्ली के किशनगंज इलाके में 34 वर्षीय व्यक्ति द्वारा छह साल की बच्ची के साथ कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया गया। इससे पहले 16 सितंबर को नॉर्थ दिल्ली के सदर बाजार इलाके में एक दुकान के अंदर 10 वर्षीय छात्रा के साथ कथित यौन उत्पीड़न हुआ था। पुलिस जांच रिकॉर्ड से पता चलता है कि स्वरूप नगर सामूहिक बलात्कार और हत्या के मामले में तीन नाबालिगों सहित चार संदिग्धों को 72 घंटों के भीतर पकड़ लिया गया था। ऑनलाइन सुरक्षा से निपटने के लिए दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रेटेजिक ऑपरेशंस (IFSO) यूनिट ने बाल यौन शोषण सामग्री के प्रसार को रोकने के लिए संदिग्ध खाता विवरण और आईपी पते जैसी डिजिटल खुफिया जानकारी साझा करने के वास्ते 17 सितंबर 2026 को मेटा के साथ अपना सहयोग बढ़ा दिया है। ये घटनाएं इस साल की शुरुआत में शुरू की गई विभिन्न सरकारी सुरक्षा पहलों के बाद सामने आई हैं। जुलाई 2026 में उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 'बाल सुरक्षा जागरूकता माह' की शुरुआत की थी, जिसके तहत लगभग 700,000 बच्चों को आत्म-रक्षा, साइबर सुरक्षा और पॉक्सो (POSCO) जागरूकता का प्रशिक्षण दिया गया था। इसके अलावा जून 2026 में उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने सभी सरकारी और निजी स्कूलों के लिए व्यापक पॉक्सो ऑडिट अनिवार्य कर दिया था। इसके साथ ही अनिवार्य 'बाल सुरक्षा समितियों' के गठन और स्कूल की छुट्टियों के दौरान पुलिस की तैनाती बढ़ाने के निर्देश दिए गए थे। इन तमाम उपायों के बावजूद आपराधिक गतिविधियों में हालिया बढ़ोतरी के कारण लोगों द्वारा अधिक सख्त पुलिस गश्त और त्वरित न्यायिक कार्रवाई की मांग की जा रही है।