'दिल्ली पुलिस शिकारी बन गई', चुनाव आयोग के विरोध प्रदर्शन के बीच सुप्रिया श्रीनेत का बड़ा हमला

देश की राजधानी में चुनाव आयोग के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने दिल्ली पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि पुलिस जनता की सुरक्षा करने के बजाय 'शिकारी' की तरह व्यवहार कर रही है। श्रीनेत ने यह बात विशेष गहन संशोधन (SIR) विवाद के बाद हुए प्रदर्शनों के संदर्भ में कही, जहां विपक्षी दलों ने मतदान के अधिकारों पर हमले का दावा किया है।
सुप्रिया श्रीनेत ने कड़े शब्दों में कहा कि वोट देने का अधिकार सबसे महत्वपूर्ण अधिकार है और वर्तमान में इस पर हमला किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस का काम देश के नागरिकों की रक्षा करना है, लेकिन इसके विपरीत वह एक शिकारी की तरह काम कर रही है। उन्होंने यह भी जिक्र किया कि जिन अधिकारियों के नाम विवादों में सामने आ रहे हैं, उन्हें प्रमोशन दिया गया, हालांकि अब उस पर रोक लगा दी गई है।
विपक्ष का बड़ा आरोप: 'भारतीय राजनीतिक इतिहास का सबसे बड़ा धोखा'
इस पूरे विवाद में केवल कांग्रेस ही नहीं, बल्कि INDIA गठबंधन के अन्य नेता भी हमलावर हैं। कांग्रेस सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी ने मतदाता सूचियों से नामों को हटाए जाने को भारतीय राजनीतिक इतिहास का 'सबसे बड़ा धोखा' करार दिया है। उनका दावा है कि करीब 13 करोड़ वोट हटा दिए गए हैं, जिससे करोड़ों लोग अपने लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित हो गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब सरकार और चुनाव आयोग के नेतृत्व के समन्वय से किया गया है।
वहीं, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने सीधे तौर पर लिखा, "ज्ञानेश, बस बहुत हो गया, अब इस्तीफा देने का समय है।"
दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने निर्वाचन सदन की ओर कूच करते हुए कहा कि वे भारी सुरक्षा घेरे के बावजूद अपनी मंजिल तक पहुंचेंगे। उन्होंने भाजपा की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस पार्टी ने चुनाव आयोग की नियुक्ति समिति से मुख्य न्यायाधीश को हटाकर अपने कैबिनेट मंत्री को शामिल किया, उसे बोलने का कोई हक नहीं है।
इस बीच, सपा सांसद जया बच्चन ने भी अपना पक्ष रखा और कहा कि भाजपा का काम केवल आरोप लगाना है। उन्होंने ईश्वर और गणेश जी का नाम लेते हुए विश्वास जताया कि सच्चाई की जीत होगी और गलत काम करने वालों का साथ भगवान नहीं देते।