Supreme Court का बड़ा फैसला: DUSIB जमीन खाली करने के High Court के आदेश पर रोक लगाने से इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने 20 अगस्त 2026 को दिल्ली अर्बन शेल्टर इम्प्रूवमेंट बोर्ड (DUSIB) की जमीन पर कब्जा करने वालों को जगह खाली करने का निर्देश देने वाले दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने अपीलकर्ताओं की Special Leave Petitions को खारिज कर दिया, जिसमें Kawatra Hospitality Pvt Ltd, Kawatra Tent and Caterers Pvt Ltd और M/s Eswara Kamadhenu Restaurant Pvt Ltd शामिल थे, और कहा कि वे इस फैसले में दखल देने के इच्छुक नहीं हैं (National News)।
कानूनी विवाद और हाईकोर्ट का फैसला
यह कानूनी विवाद 10 अगस्त 2026 को चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की अगुवाई वाली दिल्ली हाईकोर्ट डिवीजन बेंच के फैसले से जुड़ा है। हाईकोर्ट ने तय किया था कि DUSIB land के लिए कॉन्ट्रैक्ट अरेंजमेंट्स एक निश्चित समय के लिए थे और कब्जे वाले लोग एग्रीमेंट के तहत मिलने वाले अधिकतम छह महीने के एक्सटेंशन के बाद अनिश्चित काल तक कब्जा बनाए रखने के अधिकार का दावा नहीं कर सकते। कोर्ट ने यह भी माना कि पर्सनल फाइनेंशियल लॉस या परिसर में किए गए निवेश लाइसेंस को उसके कॉन्ट्रैक्ट की सीमा से आगे बढ़ाने का आधार नहीं हो सकते।
खाली करने की समयसीमा और आगे की प्रक्रिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने कब्जाधारियों को स्ट्रक्चर्स को हटाने और खाली करने के लिए 10 अगस्त 2026 से एक हफ्ते का अतिरिक्त समय दिया था, जिसकी मूल समयसीमा 17 अगस्त 2026 तय की गई थी। सुप्रीम कोर्ट द्वारा कोई और राहत देने से इनकार करने के बाद, अब DUSIB द्वारा एक नई टेंडर प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की उम्मीद है, जिसे हाईकोर्ट ने पहले सितंबर के अंत तक पूरा करने का निर्देश दिया था।