सुप्रीम कोर्ट का बड़ा सुझाव, ट्रैफिक के बकाये चालान को बिजली बिल से जोड़ने का प्रस्ताव

Kittu Kumari30 September 20262 min read0 viewsNational
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा सुझाव, ट्रैफिक के बकाये चालान को बिजली बिल से जोड़ने का प्रस्ताव

सुप्रीम कोर्ट ने ट्रैफिक नियमों के पालन और जुर्माने की वसूली को लेकर एक बड़ा सुझाव दिया है। अदालत ने कहा है कि unpaid traffic fines को सीधे बिजली बिल से जोड़ा जा सकता है, ताकि लोग समय पर जुर्माना भर सकें। 28 सितंबर 2026 को सड़क सुरक्षा से जुड़ी एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस के.वी. विश्वनाथन की बेंच ने यह बात कही। अदालत ने साफ किया कि अगर लोग समय पर चालान नहीं भरते हैं, तो उनके बिजली कनेक्शन काटे जाने की कार्रवाई पर विचार होना चाहिए। देश भर में जारी कुल 45,000 करोड़ रुपये के चालान में से लगभग 20,000 करोड़ रुपये का बकाया अभी भी पेंडिंग है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए PTI News पर विजिट कर सकते हैं।

दिल्ली में ट्रैफिक पेंडेंसी की स्थिति

राजधानी दिल्ली में ट्रैफिक पेनाल्टी की पेंडेंसी दर बढ़कर 73 प्रतिशत तक पहुंच गई है। कैमरों की मदद से कटने वाले चालान में पेंडेंसी 75.8 प्रतिशत है, जबकि मौके पर काटे जाने वाले चालान का आंकड़ा 66.4 प्रतिशत है। इस स्थिति से निपटने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने गाड़ी के रजिस्ट्रेशन का नवीनीकरण रोकने, ड्राइविंग लाइसेंस और प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUC) ब्लॉक करने जैसे कई कड़े उपायों की सिफारिश की है। इसके अलावा ट्रांसपोर्ट पोर्टल पर गाड़ियों को ब्लैकलिस्ट करने की बात भी कही गई है।

दिल्ली सरकार का नया डिजिटल सिस्टम

दिल्ली सरकार ने मई 2026 से एक सख्त डिजिटल व्यवस्था लागू कर दी है। इसके तहत किसी भी चालान को कोर्ट में चुनौती देने से पहले चालान की राशि का 50 प्रतिशत हिस्सा जमा करना अनिवार्य कर दिया गया है। चालान का भुगतान या चुनौती देने के लिए नागरिकों को 45 दिन का समय मिलता है। इस अवधि में कार्रवाई न होने पर चालान स्वतः स्वीकार मान लिया जाता है। लोगों की सुविधा के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने अपने सिस्टम को भारत बिल पेमेंट सिस्टम से जोड़ दिया है और व्हाट्सएप तथा यूपीआई के जरिए डिजिटल भुगतान की सुविधा भी दी है।

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