सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में बढ़ते यौन उत्पीड़न के मामलों पर लिया स्वतः संज्ञान, दिए निर्देश

Kittu Kumari28 September 20261 min read2 viewsDelhi Local
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में बढ़ते यौन उत्पीड़न के मामलों पर लिया स्वतः संज्ञान, दिए निर्देश

दिल्ली-एनसीआर में हाल ही में हुए यौन उत्पीड़न के मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने 28 सितंबर 2026 को स्वतः संज्ञान लिया है। अदालत ने सार्वजनिक जगहों के खतरनाक होने पर कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने रजिस्ट्री को जनहित याचिका दर्ज करने का निर्देश दिया है, जिसमें पार्क और सड़कों पर सुरक्षा, रोशनी और पुलिसिंग की कमी के लिए प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की मांग की गई है। यह कदम आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय लड़की के साथ कथित गैंगरेप, चलती बस में 16 वर्षीय लड़की पर हमले और अन्य वारदातों के बाद उठाया गया है।

दिल्ली पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई

इस संकट के बीच दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने सीसीटीवी कवरेज और रोशनी समेत सुरक्षा बुनियादी ढांचे की शहर-व्यापी समीक्षा के आदेश दिए हैं। दिल्ली पुलिस ने गश्त बढ़ा दी है और 22-23 सितंबर को दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 65 के तहत 379 लोगों को पकड़ा है (Delhi Police)। इसके अलावा, हर जिले में 'शिष्टाचार' दस्ते बनाए जा रहे हैं और दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने पार्कों का सुरक्षा ऑडिट शुरू कर दिया है।

नेता और विशेषज्ञों के बयान

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सुरक्षा कमियों को स्वीकार किया है और व्यापक सुधार का वादा किया है। दूसरी ओर, जेसीपी (सेंट्रल) मधुर वर्मा ने कहा कि लगातार गश्त से सार्वजनिक जगहों को सुरक्षित बनाया जाना चाहिए। एलएसआर स्टूडेंट्स यूनियन की अध्यक्ष अनुषा गर्ग और अधिकार कार्यकर्ता योगिता ਭायना समेत कई कार्यकर्ताओं का तर्क है कि आत्मरक्षा का बोझ महिलाओं पर डालना गलत है, जबकि असल जरूरत व्यवस्था और बुनियादी ढांचे में सुधार करने की है। अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें।

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