Supreme Court ने Art of Living पर लगा 5 करोड़ रुपये का जुर्माना हटाया, यमुना बाढ़ मैदान नुकसान पर दिया बड़ा फैसला

Supreme Court of India ने शनिवार, 22 अगस्त 2026 को National Green Tribunal (NGT) के 2017 के आदेश को खारिज कर दिया है। NGT ने Art of Living Foundation से जुड़ी संस्था Vyakti Vikas Kendra India (VVKI) पर 5 करोड़ रुपये का environmental compensation लगाया था। Justice Satish Chandra Sharma और Justice N. Kotiswar Singh की bench ने निष्कर्ष निकाला कि संगठन के 2016 के World Culture Festival का Yamuna floodplain पर कथित environmental damage से सीधा कोई सीधा संबंध जोड़ने वाला direct evidence नहीं था। यह कार्यक्रम 11 से 13 मार्च के बीच आयोजित किया गया था (Source)।
कोर्ट ने क्या कहा और DDA को क्या निर्देश दिए
अालत ने यह निर्धारित किया कि absolute liability के लिए किसी कृत्य और पर्यावरण को हुए नुकसान के बीच एक direct causal link होना आवश्यक है, जो इस मामले में स्थापित नहीं किया गया था। bench ने यह भी नोट किया कि NGT appellant को अपना पक्ष रखने का adequate opportunity देने में विफल रहा था और प्रासंगिक सामग्रियों की अनदेखी की थी। साथ ही यह भी देखा गया कि घटना स्थल उस समय पहले से ही dilapidated condition में था। Supreme Court ने Delhi Development Authority (DDA) को VVKI द्वारा जमा किए गए 5 करोड़ रुपये के environmental compensation को refund करने का निर्देश दिया है (Source)।
Delhi Development Authority पर कड़ी आलोचना
अपने फैसले में Supreme Court ने active Yamuna floodplain पर कार्यक्रम के लिए permission देने पर Delhi Development Authority की कड़ी आलोचना की। अदालत ने कहा कि एजेंसी के actions गलत थे और उसने उसमें रखे गए विश्वास का उल्लंघन किया है, जिससे वह अपने statutory duties के अनुसार कार्य करने में विफल रही है। इसके बावजूद, Court ने DDA को Yamuna floodplains के पहले से निर्धारित rehabilitation work को जारी रखने का आदेश दिया। इस मामले में स्वर्गीय पर्यावरणविद् मनोज मिश्रा और अन्य respondents के रूप में शामिल थे।