सुप्रीम कोर्ट ने 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े एक मामले में दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है। जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच ने 19 अगस्त 2026 को यह निर्देश दिया। यह मामला 2020 दिल्ली दंगे की साजिश से जुड़ा है जिसमें आरोपी अथर खान ने जमानत के लिए याचिका दायर की है। अथर खान जुलाई 2020 से हिरासत में हैं और वह दिल्ली हाईकोर्ट के 7 जुलाई 2026 के उस आदेश को चुनौती दे रहे हैं जिसमें उनकी जमानत खारिज कर दी गई थी। इससे पहले ट्रायल कोर्ट ने भी 29 जनवरी 2026 को उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी थी।
अथर खान पर गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA), भारतीय दंड संहिता, शस्त्र अधिनियम और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से रोकथाम अधिनियम के तहत आरोप तय किए गए हैं। अभियोजन पक्ष का आरोप है कि खान फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान चांद बाग में एक विरोध प्रदर्शन स्थल के मुख्य साजिशकर्ता थे। हाईकोर्ट ने सह-आरोपी ओवैस सुल्तान खान के चैट और एक संरक्षित गवाह प्लूटो के बयानों के आधार पर उनकी जमानत याचिका खारिज की थी।
अथर खान के वकीलों का कहना है कि उनके पास से कोई हथियार बरामद नहीं हुआ है और न ही किसी सीसीटीवी फुटेज में उनकी सीधी संलिप्तता मिली है। वरिष्ठ वकील राजू रामचंद्रन ने अदालत में उनका पक्ष रखा। खान ने अपनी याचिका में लंबी कैद और मुकदमे में देरी का हवाला दिया है। उन्होंने जनवरी 2026 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत पाने वाले सह-आरोपी शादाब अहमद के साथ समानता की भी मांग की है। सुप्रीम कोर्ट UAPA मामलों में लंबी हिरासत को जमानत का आधार मानने से जुड़े नियमों की समीक्षा कर रहा है।