दिल्ली प्रदूषण: सुप्रीम कोर्ट ने वर्चुअल सुनवाई की मांग ठुकराई, AQI बढ़ा

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के बीच सुप्रीम कोर्ट ने वर्चुअल सुनवाई की मांग ठुकराई। जानें AQI की स्थिति और कोर्ट में क्या हुआ।

Kittu Kumari28 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली प्रदूषण: सुप्रीम कोर्ट ने वर्चुअल सुनवाई की मांग ठुकराई, AQI बढ़ा

राजधानी दिल्ली में बढ़ते दिल्ली वायु प्रदूषण के संकट के बीच सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम रुख अपनाया है। 28 अक्टूबर 2026 को प्रदूषण मामले की सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह ने कोर्ट से अनुरोध किया था कि इस मामले की अगली लिस्टिंग वर्चुअल माध्यम से की जाए। जयसिंह ने चिंता जताई कि 8 नवंबर को दिवाली के बाद प्रदूषण के स्तर में भारी उछाल आ सकता है, इसलिए 17 नवंबर की सुनवाई ऑनलाइन होनी चाहिए। हालांकि, जस्टिस विक्रम नाथ ने इस अनुरोध को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि 'वकील ऐसा कर सकते हैं, लेकिन हम नहीं'।

खराब होती हवा और GRAP का असर

दिल्ली की हवा की स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है। बुधवार सुबह 7 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 228 दर्ज किया गया, जो पिछले दिन 167 था। सुबह 8 बजे तक यह बढ़कर 230 पर पहुंच गया। शहर के कुछ इलाकों की हालत और भी खराब है; जहां जहांगीरपुरी में AQI 307 और विवेक विहार में 320 तक पहुंच गया, जिसे 'बेहद खराब' श्रेणी में रखा गया है। इस समय PM2.5 मुख्य प्रदूषक बना हुआ है।

प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने 21 अक्टूबर को ही दिल्ली-NCR के लिए 'ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान' (GRAP) के पहले चरण (Stage I) को लागू कर दिया था, क्योंकि औसत AQI 244 तक पहुंच गया था।

प्रशासन अब पुराने डीजल और पेट्रोल वाहनों पर प्रतिबंधों को सख्ती से लागू करने की तैयारी में है। साथ ही, कोर्ट के निर्देशों के अनुसार उन ट्रकों को पूर्वी और पश्चिमी पेरिफेरल एक्सप्रेसवे की ओर मोड़ा जाएगा, जिन्हें दिल्ली में नहीं आना है। अधिकारियों का कहना है कि सर्दियों के लिए प्रदूषण नियंत्रण रणनीति में बॉर्डर मैनेजमेंट, ट्रैफिक फ्लो को बेहतर बनाने और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा ताकि इस पर्यावरणीय संकट को कम किया जा सके।

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