सुकेश चंद्रशेखर को झटका: सुप्रीम कोर्ट ने सजा पर रोक लगाने वाली याचिका की खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने ठग सुकेश चंद्रशेखर की सजा पर रोक लगाने वाली याचिका को खारिज कर दिया है। जानें क्या था पूरा मामला।

मशहूर ठग सुकेश चंद्रशेखर की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सोमवार, 2 नवंबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने सुकेश चंद्रशेखर द्वारा अपनी सजा पर रोक लगाने के लिए दायर की गई याचिका को सिरे से खारिज कर दिया। अदालत के इस फैसले के बाद अब सुकेश को अपनी सजा काटनी होगी, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा है जिसमें उसकी सजा को निलंबित करने से इनकार कर दिया गया था।
यह पूरा मामला साल 2017 की एक घटना से जुड़ा है, जिसमें सुकेश चंद्रशेखर ने एक न्यायिक अधिकारी को प्रभावित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के जज होने का ढोंग रचा था। इस गंभीर अपराध के लिए उसे अगस्त 2026 में आठ साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई थी।
अदालत में क्या दलीलें दी गईं?
सुकेश चंद्रशेखर की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता शोएब आलम ने कोर्ट में तर्क दिया कि निचली अदालत ने अपने आदेश में याचिकाकर्ता के लिए "अनुभवी आदती अपराधी" और "ठग" जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया है। बचाव पक्ष का दावा था कि इस तरह की अपमानजनक टिप्पणियां पक्षपाती हैं और इससे सुकेश के खिलाफ चल रहे अन्य 31 आपराधिक मामलों पर बुरा असर पड़ सकता है। वकील ने यह भी कहा कि अन्य मामलों में अभी तक सुकेश का दोष साबित नहीं हुआ है, इसलिए निचली अदालत द्वारा लगाए गए ये लेबल सबूतों के दायरे से बाहर थे।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया और उसकी याचिका को खारिज कर दिया। गौरतलब है कि इसी बीच 31 अक्टूबर 2026 को एक दिल्ली की अदालत ने भ्रष्टाचार के एक अलग मामले में सुकेश को रिहा करने का आदेश दिया था। वह रिहाई इसलिए मिली क्योंकि उस विशिष्ट मामले में उसकी हिरासत की अवधि, निर्धारित अधिकतम सात साल की सजा से अधिक हो चुकी थी।