चुनावी धांधली के खिलाफ प्रदर्शन, अब सुप्रीम कोर्ट की ओर बढ़ेंगे कदम

Kittu Kumari11 October 20261 min read0 viewsDelhi Local
चुनावी धांधली के खिलाफ प्रदर्शन, अब सुप्रीम कोर्ट की ओर बढ़ेंगे कदम

देश में कथित चुनावी धांधली और वोट चोरी के आरोपों को लेकर दिल्ली की सड़कों पर माहौल गरमा गया है। शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने पहुंचे प्रदर्शनकारियों का दावा है कि उन्हें पुलिस और भाजपा समर्थकों के शारीरिक बल का सामना करना पड़ा। हालांकि, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य गुस्सा फैलाना नहीं, बल्कि शांतिपूर्वक अपनी असहमति दर्ज कराना था। अब इस आंदोलन को और तेज करते हुए सोमवार, 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट मार्च निकालने का फैसला लिया गया है।

इस मार्च का मकसद जाति, धर्म, लिंग और पार्टी की दीवारों को तोड़कर देश के नागरिकों को एक मंच पर लाना है। इस मुहिम में युवा, विपक्षी दल, नागरिक समाज के समूह और संविधान की रक्षा के लिए लड़ने वाले लोग शामिल होंगे। प्रदर्शनकारियों की योजना भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को एक ज्ञापन सौंपने की है, जिसमें लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की मांग की जाएगी।

प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें और चुनौती

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आंदोलनकारियों ने अपनी मांगों को स्पष्ट करते हुए कुछ कड़े बिंदु रखे हैं। उनकी प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:

  • कथित 'वोट चोरी' की प्रक्रिया को तुरंत रोका जाए।
  • सिस्टमैटिक इंटीग्रेटेड रिपोर्टिंग (SIR) प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए।
  • चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा दें।

प्रदर्शनकारियों ने इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को सीधी चुनौती दी है। उनका कहना है कि देश की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। 'डरो मत' के नारे के साथ प्रदर्शनकारियों ने ऐलान किया है कि वे किसी भी तरह की धमकी से डरने वाले नहीं हैं और भाईचारे व देशभक्ति के साथ राष्ट्रीय एकता के लिए लड़ते रहेंगे।

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