संसद के मानसून सत्र में सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने का बिल पास, जानिए बड़ी बातें

नई दिल्ली में संसद के मानसून सत्र में सोमवार को विपक्ष के तीखे विरोध और लगातार हंगामे के बीच सरकार ने 2 महत्वपूर्ण विधेयकों को आगे बढ़ाने में सफलता हासिल की। लोकसभा ने सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने संबंधी विधेयक को बिना चर्चा के पारित कर दिया, जबकि राज्यसभा ने 'MSME बिल' को मंजूरी दे दी। संसद में इस दौरान विपक्षी दलों का हंगामा जारी रहा।
लोकसभा में बिना चर्चा के पास हुआ सुप्रीम कोर्ट संशोधन विधेयक
लोकसभा में प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्षी दलों ने अयोध्या श्रीराम मंदिर में चढ़ावे में अनियमितता और NEET प्रश्नपत्र लीक के विरोध में प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया। विपक्षी सदस्य गृह मंत्री अमित शाह से सदन में आकर बयान देने की मांग करते हुए नारेबाजी कर रहे थे। इसी दौरान केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक पेश किया। इससे सुप्रीम कोर्ट के जजों की स्वीकृत संख्या 34 से बढ़कर 38 हो जाएगी। पीठासीन अधिकारी ने विधेयक पर बोलने का आग्रह किया, लेकिन विपक्ष के शोर-शराबे के कारण चर्चा संभव नहीं हो सकी। इसके बाद विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। विपक्षी सदस्यों ने अध्यादेश लाए जाने के विरोध में एक वैधानिक प्रस्ताव भी पेश किया, जिसे ध्वनिमत से अस्वीकार कर दिया गया।
राज्यसभा में MSME बिल को मिली मंजूरी
उधर, राज्यसभा ने पारित MSME बिल का मकसद क्षेत्र की इकाइयों को भुगतान में होने वाली देरी की समस्या का समाधान करना और छोटे उद्यमों की वित्तीय स्थिति को मजबूत बनाना है। सरकार द्वारा लाए गए इस विधेयक को राज्यसभा में मंजूरी मिल गई है जिससे छोटे उद्योगों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
मानसून सत्र में अब तक कुल 4 विधेयक पास
संसद के मानसून सत्र में अब तक कुल 4 विधेयक पास हो चुके हैं। इन 4 विधेयकों में वंदे मातरम, पेपर लीक, सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) तथा MSME विधेयक शामिल हैं। सरकार ने हंगामे के बीच इन सभी विधेयकों को आगे बढ़ाने में सफलता हासिल की है।