जंतर मंतर को विरोध स्थल न रखने के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट करेगा विचार

Kittu Kumari14 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
जंतर मंतर को विरोध स्थल न रखने के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट करेगा विचार

देश की राजधानी दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों का केंद्र रहे जंतर मंतर विरोध स्थल को डी-नोटिफाई (अधिसूचना रद्द) करने के फैसले ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले को चुनौती देने वाली एक याचिका पर सुनवाई करने की सहमति दी है। याचिकाकर्ता स्वाति सिंह ने वकील आकांक्षा मेहरा के जरिए यह याचिका दायर की है, जिसमें केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस कमिश्नर को प्रतिवादी बनाया गया है।

यह पूरा विवाद दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार द्वारा 11 अक्टूबर 2026 को जारी एक आदेश से शुरू हुआ। इस आदेश के जरिए जंतर मंतर को आधिकारिक तौर पर विरोध प्रदर्शन स्थल के रूप में हटा दिया गया। यह कदम गृह मंत्रालय द्वारा गठित एक समिति की सिफारिशों के बाद उठाया गया, जिसने प्रदर्शनों के लिए नए स्थानों की पहचान की थी। अब प्रदर्शनकारियों को रामलीला मैदान, उत्तर दिल्ली के बुराड़ी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली के सीबीडी ग्राउंड जैसे विकल्पों पर जाने को कहा गया है।

प्रदर्शन स्थलों को लेकर कानूनी तकरार

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याचिका में यह दलील दी गई है कि विरोध प्रदर्शनों को शहर के बाहरी इलाकों में भेजने से उनकी प्रभावशीलता कम हो जाती है और वे सत्ता के गलियारों से दूर हो जाते हैं। याचिकाकर्ता का कहना है कि सरकार ने नए निर्धारित स्थलों के लिए कोई स्पष्ट मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तय नहीं की है, जिससे प्रदर्शनकारियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

दिलचस्प बात यह है कि दिल्ली पुलिस ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा के माध्यम से हाई कोर्ट को बताया कि इस डी-नोटिफिकेशन के बाद इंडियन यूथ कांग्रेस द्वारा दायर एक पुरानी याचिका अब बेअसर हो गई है।

इससे पहले 9 अक्टूबर 2026 को मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत की बेंच ने यह टिप्पणी की थी कि प्रशासन को ऐसे बेहतर स्थलों की पहचान करनी चाहिए जहां शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों। इसके अलावा, कोर्ट में पुलिस द्वारा प्रदर्शनों के दौरान अत्यधिक बल प्रयोग और प्रतिबंधों को लेकर अवमानना याचिकाएं भी लंबित हैं। मेट्रो स्टेशनों की बंदी और हालिया प्रदर्शनों में व्यवधान से जुड़े अन्य मामलों की सुनवाई अब 15 अक्टूबर को होगी।

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