दिल्ली में अवैध पटाखों की बिक्री पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र को दिए निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में अवैध पटाखों की बिक्री रोकने के लिए केंद्र और दिल्ली सरकार को सख्त निर्देश दिए हैं। जानें क्या हैं नए नियम।

दिल्ली की हवा और पर्यावरण को बचाने की कोशिशों के बीच सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने दिल्ली के बाजारों में अवैध रूप से बेचे जा रहे पटाखों पर गहरी चिंता जताई है। कोर्ट ने साफ कहा है कि न्यायिक आदेशों के बावजूद शहर में प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री जारी है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी के चलते सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) को इस मामले की गहन जांच कर सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्न बी. वरले की बेंच ने केंद्र सरकार की ओर से पेश हुई एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी को निर्देश दिया कि नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अधिकारियों को सड़कों पर गश्त बढ़ानी होगी और वाहनों की चेकिंग करनी होगी ताकि प्रतिबंधित पटाखों की तस्करी और अवैध बिक्री को पूरी तरह रोका जा सके।
ग्रीन पटाखों के लिए तय की गई समय सीमा और नियम
अदालत ने स्पष्ट किया है कि दिल्ली-NCR में केवल CSIR-NEERI प्रमाणित 'ग्रीन पटाखों' की ही अनुमति है। इनके लिए समय सीमा तय की गई है: लाइसेंस प्राप्त व्यापारी केवल 4 नवंबर से 6 नवंबर 2026 तक ही इनकी बिक्री कर सकेंगे। वहीं, इन पटाखों को चलाने की अनुमति केवल 7 और 8 नवंबर 2026 को सुबह 6 से 7 बजे और रात 8 से 10 बजे तक ही होगी। 9 नवंबर से एक बार फिर सभी तरह के पटाखों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया जाएगा।
नियमों की कड़ाई को देखते हुए कुछ महत्वपूर्ण बातें तय की गई हैं:
- बेरियम युक्त पटाखों और 'लड़ियों' के उत्पादन और बिक्री पर पूरी तरह रोक है।
- हर अधिकृत बॉक्स पर एक नॉन-ट्रांसफरेबल QR कोड होना अनिवार्य है, जिसमें निर्माता और सर्टिफिकेशन की जानकारी हो।
- पटाखों की ऑनलाइन बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है।
- अस्पतालों, स्कूलों और नर्सिंग होम जैसे 'साइलेंस जोन' के 300 मीटर के दायरे में पटाखे चलाना सख्त मना है।
सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अवैध स्टॉक को जब्त करें और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करें। साथ ही, व्यापारियों से सिक्योरिटी डिपॉजिट लिया जाएगा, जिसे नियमों का पालन न करने पर जब्त कर लिया जाएगा।