दिवाली 2026: दिल्ली-NCR में ग्रीन पटाखों के लिए सुप्रीम कोर्ट ने तय किए सख्त नियम

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में दिवाली 2026 के लिए ग्रीन पटाखों की बिक्री और चलाने के समय के सख्त नियम तय किए हैं। जानें पूरी गाइडलाइन।

Kittu Kumari3 November 20262 min read0 viewsNCR
दिवाली 2026: दिल्ली-NCR में ग्रीन पटाखों के लिए सुप्रीम कोर्ट ने तय किए सख्त नियम

दिवाली के दौरान दिल्ली और एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्न बी. वरले की बेंच ने दिवाली 2026 के लिए दिल्ली एनसीआर ग्रीन पटाखे नियम जारी किए हैं। कोर्ट ने साफ किया है कि अब पटाखों की बिक्री और उन्हें चलाने के लिए एक तय समय सीमा होगी, जिसका उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

अदालत के आदेश के मुताबिक, केवल CSIR-NEERI द्वारा मान्यता प्राप्त ग्रीन पटाखों की ही अनुमति होगी। इनकी बिक्री केवल 4 नवंबर से 6 नवंबर 2026 तक की जा सकेगी। वहीं, इन पटाखों को चलाने के लिए केवल दो समय स्लॉट तय किए गए हैं—सुबह 6:00 से 7:00 बजे तक और रात 8:00 से 10:00 बजे तक। यह अनुमति केवल 7 और 8 नवंबर 2026 को ही होगी, जिसके बाद 9 नवंबर से सभी तरह के पटाखों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया जाएगा।

नो-क्रैकर जोन और सख्त पाबंदियां

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प्रदूषण और शोर को नियंत्रित करने के लिए कोर्ट ने कई कड़े प्रतिबंध लगाए हैं। अब बेरियम युक्त पटाखों और पटाखों की लंबी लड़ियों (लारी) के निर्माण और बिक्री पर पूरी तरह रोक रहेगी। इसके अलावा, अस्पतालों, नर्सिंग होम, स्वास्थ्य केंद्रों, वृद्धाश्रमों और साइलेंस जोन के आसपास 300 मीटर का 'नो-क्रैकर जोन' बनाना अनिवार्य होगा, जहां पटाखे चलाना सख्त मना है।

पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अब हर पटाखे के बॉक्स पर एक नॉन-ट्रांसफरेबल QR कोड होगा, जिससे उसकी सत्यता जांची जा सके। कोर्ट ने ऑनलाइन बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी है और केवल जिला प्रशासन द्वारा अधिकृत स्थानों पर ही लेन-देन की अनुमति होगी।

हालांकि, कोर्ट ने उन व्यापारियों के लाइसेंस अस्थायी रूप से बहाल कर दिए हैं जिनके लाइसेंस पहले रद्द हो गए थे, लेकिन चेतावनी दी है कि किसी भी नियम के उल्लंघन पर लाइसेंस तुरंत रद्द कर दिए जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी माना कि पिछले समय में लगाए गए पूर्ण प्रतिबंध अवैध बिक्री को रोकने या AQI सुधारने में पूरी तरह सफल नहीं रहे, इसलिए इस बार निगरानी के लिए वाहनों की चेकिंग और गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

दूसरी ओर, इस आदेश के बाद व्यापारियों ने स्टॉक की कमी और समय की पाबंदी को लेकर चिंता जताई है, जबकि कुछ हिंदू कार्यकर्ताओं ने इन नियमों के व्यावहारिक कार्यान्वयन पर सवाल उठाए हैं।

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