दिवाली 2026: दिल्ली-NCR में पटाखों के लिए सुप्रीम कोर्ट ने तय किए सख्त नियम, जानें समय और शर्तें
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में दिवाली 2026 के लिए ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल और समय सीमा तय की है। जानें क्या हैं नए नियम।

दिल्ली-NCR में प्रदूषण की गंभीर समस्या को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली 2026 के लिए पटाखों के इस्तेमाल को लेकर बेहद सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि पर्यावरण की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए केवल प्रमाणित ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल की अनुमति होगी, वह भी बेहद सीमित समय के लिए।
जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्न बी. वरले की बेंच ने यह आदेश दिया है कि दिल्ली-NCR में केवल 7 और 8 नवंबर 2026 को ही ग्रीन पटाखे चलाने की अनुमति होगी। इसके लिए समय की दो खिड़कियां तय की गई हैं: सुबह 6:00 बजे से 7:00 बजे तक और रात 8:00 बजे से 10:00 बजे तक। 9 नवंबर 2026 से पूरे क्षेत्र में पटाखों पर फिर से पूर्ण प्रतिबंध लागू हो जाएगा।
साइलेंस जोन और बैन की गई वैरायटी पर सख्ती
अदालत ने स्वास्थ्य और शिक्षा संस्थानों के आसपास पटाखों पर पूरी तरह रोक लगाई है। अस्पताल, नर्सिंग होम, प्राइमरी और डिस्ट्रिक्ट हेल्थ सेंटर, ओल्ड एज होम और शिक्षण संस्थानों के 300 मीटर के दायरे को 'साइलेंस जोन' माना गया है, जहां कोई भी पटाखा नहीं चलाया जा सकेगा।
इसके अलावा, कोर्ट ने कुछ खास तरह के पटाखों पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है:
- बेरियम युक्त पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
- लड़ी और माला जैसे जुड़े हुए पटाखों के इस्तेमाल की अनुमति नहीं होगी।
- केवल CSIR-NEERI और PESO द्वारा प्रमाणित उत्पाद ही मान्य होंगे।
धोखाधड़ी रोकने के लिए अब हर पटाखे के बॉक्स पर एक यूनिक और नॉन-ट्रांसफरेबल QR कोड होना अनिवार्य है, जिससे बैच और टेस्ट डेटा की जांच की जा सके। पटाखों की ऑनलाइन बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी और रिटेल बिक्री केवल जिला अधिकारियों द्वारा अधिकृत स्थानों पर ही होगी।
निर्माताओं और व्यापारियों को एक मौद्रिक सुरक्षा जमा (security deposit) करना होगा, जिसे नियमों के उल्लंघन की स्थिति में जब्त कर लिया जाएगा। कोर्ट का मानना है कि इस रेगुलेटेड तरीके से प्रदूषण फैलाने वाले अवैध पटाखों के बाजार पर लगाम लगेगी। प्रशासन को वायु गुणवत्ता की निगरानी करने और अवैध स्टॉक ले जा रहे वाहनों की जांच करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, त्यौहार के बाद अस्पतालों में हुई भर्ती की रिपोर्ट 14 दिसंबर 2026 तक जमा करनी होगी।