सुप्रीम कोर्ट ने 2020 दिल्ली दंगे के आरोपी मीरान হায়दर की जमानत की शर्तें आसान कीं

सुप्रीम कोर्ट ने 25 सितंबर 2026 को 2020 दिल्ली दंगे के बड़े षड्यंत्र मामले के आरोपी मीरान হায়दर की जमानत की शर्तों में बदलाव किया है। इस फैसले के बाद अब मीरान হায়दर को सप्ताह में दो बार की जगह केवल एक बार पुलिस के सामने पेश होना होगा।
न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने आदेश दिया कि मीरान হায়दर अब हर शनिवार को सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे के बीच क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन में अपनी हाजिरी लगाएंगे। इससे पहले उन्हें सोमवार और गुरुवार को हाजिरी लगानी पड़ती थी। यह जानकारी ANI News के माध्यम से सामने आई है।
शादी के लिए छूट और अन्य शर्तें
अदालत ने मीरान হায়दर को उनकी आगामी शादी के कारण 17 अक्टूबर और 24 अक्टूबर 2026 को व्यक्तिगत पेशी से अस्थायी छूट भी दी है। मीरान হায়दर की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ अग्रवाल ने दलील दी थी कि पुरानी शर्तों के कारण उन्हें व्यक्तिगत परेशानी हो रही थी और नौकरी ढूंढने में दिक्कत आ रही थी।
हालांकि अदालत ने सोशल मीडिया के इस्तेमाल और सार्वजनिक बैठकों या सभाओं में शामिल होने पर लगी रोक जैसी अन्य जमानत शर्तों में ढील देने से साफ इनकार कर दिया है। दिल्ली पुलिस की तरफ से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने हाजिरी कम करने और शादी से जुड़ी छूट का विरोध नहीं किया।
ट्रायल पूरा होने तक रहेंगी अन्य शर्तें लागू
पीठ ने स्पष्ट किया कि जनवरी 2026 में तय की गई बाकी सभी जमानत शर्तें ट्रायल खत्म होने तक पूरी तरह लागू रहेंगी। जनवरी 2026 में मीरान হায়दर को गुलफिशा फातिमा, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद जैसे कार्यकर्ताओं के साथ जमानत मिली थी।