दीवाली पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध से इनकार, तय समय पर होगी चलाने की अनुमति

Kittu Kumari30 September 20262 min read7 viewsNational
दीवाली पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध से इनकार, तय समय पर होगी चलाने की अनुमति

सुप्रीम कोर्ट ने दीवाली के अवसर पर कुछ पटाखों के इस्तेमाल की अनुमति देने के संकेत दिए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया है कि वह पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाएगी और न ही पूरे दिन पटाखे चलाने की छूट देगी। न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति पी.बी. वराले की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि दीवाली मनाने वाले लोगों की भावनाओं को ठेस न पहुंचे और पर्यावरण के साथ-साथ बच्चों, बुजुर्गों और बीमारों पर भी बुरा असर न पड़े, इसके लिए एक संतुलन बनाया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट का संतुलित रुख और तय समय सीमा

अदालत ने कहा कि वह न तो पूर्ण प्रतिबंध के पक्ष में है और न ही 24 घंटे पटाखे चलाने की अनुमति देगी। सुप्रीम कोर्ट दिल्ली-एनसीआर और अन्य उत्तरी राज्यों में गंभीर वायु प्रदूषण के दौरान पटाखों पर प्रतिबंध से जुड़े लंबे समय से लंबित मामले की सुनवाई कर रहा था। बेंच ने निश्चित समय सीमा के भीतर ही तय किए गए पटाखों को चलाने की बात कही है। इसके अलावा, अदालत ने शर्तों के साथ संयुक्त पटाखे यानी 'लड़ी' की अनुमति देने के सुझाव को स्वीकार करने के संकेत भी दिए हैं।

सीपीसीबी की रिपोर्ट और अगली सुनवाई

अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने बेरियम-युक्त पटाखों पर सीपीसीबी की रिपोर्ट रिकॉर्ड पर रखने के लिए 15 अक्टूबर तक का समय मांगा। उन्होंने अदालत को बताया कि ऐसे पटाखों की बाहरी टेस्टिंग अभी की जानी बाकी है। बेंच ने यह समय मांग स्वीकार कर ली और कहा कि यह तय करने से पहले कि किस श्रेणी के पटाखों की अनुमति दी जा सकती है, इस रिपोर्ट पर विचार किया जाएगा। जुलाई में शीर्ष अदालत ने सीपीसीबी से यह पूछा था कि क्या शोर से जुड़े प्रतिबंधों में संभावित छूट के साथ कुछ श्रेणियों के पटाखों की अनुमति दी जा सकती है। यह पूरी कार्यवाही 2015 के एक मामले से जुड़ी हुई है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने विशेष रूप से दिल्ली और पड़ोसी क्षेत्रों में बिगड़ती हवा की गुणवत्ता को देखते हुए पटाखों के निर्माण, बिक्री और उपयोग को विनियमित करने के लिए कई निर्देश जारी किए थे।

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