दिल्ली-NCR प्रदूषण और ग्रीन पटाखों पर सुप्रीम कोर्ट में आज होगी अहम सुनवाई
दिल्ली-NCR में बढ़ते प्रदूषण और ग्रीन पटाखों की बिक्री को लेकर सुप्रीम कोर्ट आज अहम सुनवाई करेगा। जानें क्या है पूरा मामला।

राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में जहरीली होती हवा और दिवाली के करीब आते ही पटाखों की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट आज गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को एक महत्वपूर्ण सुनवाई करने जा रहा है। इस सुनवाई में मुख्य रूप से दिल्ली एनसीआर प्रदूषण मामला, पराली जलाने की समस्या और 'ग्रीन पटाखों' के रेगुलेशन पर चर्चा होगी।
दरअसल, बुधवार को जस्टिस विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली बेंच ने इस मामले पर विचार किया था। इस दौरान एक दिलचस्प मोड़ तब आया जब जस्टिस नाथ ने टिप्पणी की कि वकील तो खराब हवा के कारण वर्क फ्रॉम होम का विकल्प चुन सकते हैं, लेकिन जजों को तो कोर्ट आना ही पड़ता है। यह चर्चा तब हुई जब वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह ने मामले की सुनवाई दिवाली की छुट्टियों के बाद 17 नवंबर को करने की मांग की, जबकि विपक्षी वकील ने इसे नवंबर के पहले हफ्ते में रखने का आग्रह किया।
प्रदूषण का स्तर और कोर्ट का रुख
कोर्ट इस समय जनस्वास्थ्य और धार्मिक भावनाओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने सभी पटाखों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने के संकेत नहीं दिए हैं, लेकिन वह केवल प्रमाणित 'ग्रीन पटाखों' की बिक्री की अनुमति दे रहा है। दिल्ली-NCR में पारंपरिक पटाखों के निर्माण, भंडारण और इस्तेमाल पर पहले से ही पाबंदी लागू है।
प्रदूषण की स्थिति वाकई चिंताजनक है। 27 अक्टूबर को शाम 4 बजे दिल्ली का औसत AQI 197 दर्ज किया गया था, जो 28 अक्टूबर की सुबह 7 बजे तक बढ़कर 228 हो गया। हवा की गुणवत्ता 'खराब' श्रेणी में पहुंचने के बाद, कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने 21 अक्टूबर को ही पूरे क्षेत्र में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के पहले चरण (Stage I) को लागू कर दिया था। अब सबकी नजरें आज की सुनवाई पर हैं कि कोर्ट प्रदूषण को रोकने के लिए क्या कड़े कदम उठाता है।