दिल्ली की हवा में 'जहर': सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता, पटाखों के लिए तय की समय सीमा
दिल्ली की हवा में जहर घुल चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने प्रदूषण पर केंद्र से रिपोर्ट मांगी और दिवाली पटाखों के लिए सख्त समय सीमा तय की है।

राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर इस कदर बढ़ गया है कि अब यह केवल एक मौसमी समस्या नहीं रह गई है। सुप्रीम कोर्ट में हुई एक सुनवाई के दौरान यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि दिल्ली के निवासी रोजाना ऐसी हवा में सांस ले रहे हैं, जो 30 सिगरेट पीने के बराबर है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए कोर्ट ने अब प्रदूषण से जुड़े मामलों को केवल सर्दियों तक सीमित न रखकर उन्हें नियमित सुनवाई की सूची में शामिल करने का फैसला किया है।
6 नवंबर, 2026 को दिल्ली की हवा की स्थिति 'बहुत खराब' श्रेणी में दर्ज की गई, जहां सुबह 8 बजे औसत AQI 389 था। वहीं, रोहिणी और आईआईटी दिल्ली जैसे इलाकों में हालात और भी बदतर हैं, जहां AQI 474 तक पहुंच गया है, जिसे 'गंभीर' श्रेणी माना जाता है। लोग आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं।
केंद्र सरकार से रिपोर्ट तलब और पटाखों पर पाबंदी
चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने केंद्र सरकार को एक हफ्ते के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। इस रिपोर्ट में केवल पराली जलाने पर ही नहीं, बल्कि निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल, बायोमास बर्निंग और वाहनों से निकलने वाले धुएं जैसे अन्य प्रदूषण स्रोतों को रोकने के उपायों का जिक्र होना चाहिए।
आगामी दिवाली को लेकर भी सुप्रीम कोर्ट ने बेहद सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं, ताकि प्रदूषण और न बढ़े:
- केवल ग्रीन पटाखे: केवल प्रमाणित 'ग्रीन पटाखों' के इस्तेमाल की अनुमति होगी।
- तय समय सीमा: पटाखे केवल 7 और 8 नवंबर, 2026 को सुबह 6 से 7 बजे और रात 8 से 10 बजे के बीच ही जलाए जा सकेंगे।
- पूर्ण प्रतिबंध: 9 नवंबर, 2026 से पटाखों पर फिर से पूरी तरह पाबंदी लागू हो जाएगी।
- नो-क्रैकर जोन: स्कूल, अस्पताल, नर्सिंग होम और वृद्धाश्रमों के 300 मीटर के दायरे में पटाखे जलाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
- ऑनलाइन बिक्री बंद: पटाखों की ऑनलाइन बिक्री पर पूरी तरह रोक रहेगी और स्टॉक के लिए QR कोड वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा।
अदालत ने स्पष्ट किया है कि अधिकारियों को इन नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना होगा ताकि दिल्ली की जनता को इस जहरीली हवा से राहत मिल सके।