स्टारलिंक से आगे है भारती: सुनील मित्तल ने सैटेलाइट इंटरनेट और डिजिटल टैक्स पर रखे विचार

Kittu Kumari14 October 20262 min read0 viewsNational
स्टारलिंक से आगे है भारती: सुनील मित्तल ने सैटेलाइट इंटरनेट और डिजिटल टैक्स पर रखे विचार

भारती एंटरप्राइजेज के संस्थापक और चेयरमैन सुनील भारती मित्तल ने भारत में सैटेलाइट कनेक्टिविटी सेवाओं को लेकर एक बड़ा दावा किया है। ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में बोलते हुए मित्तल ने स्पष्ट किया कि नियामक मंजूरियों की कतार में उनकी कंपनी, एलन मस्क की स्टारलिंक (Starlink) के मुकाबले काफी आगे है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारती पिछले कई सालों से इन मंजूरियों का इंतजार कर रही है और अपनी सेवाएं शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

जब मित्तल से एलन मस्क की उन टिप्पणियों के बारे में पूछा गया जिसमें उन्होंने भारतीय टेलीकॉम दिग्गजों को निशाना बनाया था, तो मित्तल ने तथ्यों के साथ जवाब दिया। उन्होंने बताया कि भारती ने पांच साल पहले ही जरूरी मंजूरियों के लिए आवेदन कर दिया था। इतना ही नहीं, पिछले तीन सालों से उनका टेरेस्ट्रियल नेटवर्क तैयार है और उनके सैटेलाइट पिछले पांच वर्षों से भारत के ऊपर तैनात हैं। मित्तल के अनुसार, भारती इस दौड़ में स्टारलिंक से "काफी आगे" है और बस अंतिम सुरक्षा क्लीयरेंस का इंतजार है।

डिजिटल टैक्स और चीन पर निर्भरता

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सैटेलाइट सेवाओं के अलावा, सुनील मित्तल ने देश की आर्थिक प्रगति के लिए डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के महत्व पर भी चर्चा की। उन्होंने सुझाव दिया कि डिजिटल वस्तुओं और टेलीकॉम सेवाओं पर लगने वाले टैक्स को जितना संभव हो सके उतना कम रखा जाना चाहिए, ताकि तकनीक अर्थव्यवस्था के लिए एक मल्टीप्लायर के रूप में काम कर सके।

वैश्विक व्यापार और सप्लाई चेन पर अपनी राय साझा करते हुए मित्तल ने चीन के प्रभुत्व का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दुनिया ने चीन को फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोबाइल पार्ट्स और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे उद्योगों में हावी होने दिया क्योंकि वहां कम लागत पर उच्च गुणवत्ता वाला सामान मिलता था। हालांकि, अब बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण यह निर्भरता जोखिम भरी हो गई है।

मित्तल ने चेतावनी दी कि चीन पर निर्भरता कम करना एक कठिन और लंबी प्रक्रिया होगी। उन्होंने उदाहरण दिया कि जिस देश का चीन के साथ 100 अरब डॉलर का व्यापार घाटा हो, उसके लिए इसे अचानक कम करना मुश्किल होगा क्योंकि कई उद्योग चीनी कच्चे माल पर टिके हैं। उन्होंने साफ किया कि सप्लाई चेन में विविधता लाना जरूरी है, लेकिन इस बदलाव में कुछ दशक लग सकते हैं।

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