सुल्तानपुर डबास में खौफनाक वारदात: आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की साले ने गोली मारकर की हत्या

देश की राजधानी दिल्ली के बाहरी इलाके बवाना के सुल्तानपुर डबास गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक 38 वर्षीय विधवा महिला, जो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के तौर पर काम करती थी, की उसके ही रिश्तेदार ने बेरहमी से हत्या कर दी। इस सुल्तानपुर डबास मर्डर केस ने इलाके में सनसनी फैला दी है, क्योंकि हमलावर ने दिनदहाड़े इस वारदात को अंजाम दिया।
मृतक महिला की पहचान मनीषा डबास के रूप में हुई है, जो अपने घर से किराने की दुकान भी चलाती थी। सोमवार सुबह करीब 9:15 बजे, जब गांव के मुख्य चौक के पास सब कुछ सामान्य लग रहा था, तभी मनीषा के चचेरे साले विक्की डबास ने उस पर हमला कर दिया। चश्मदीदों और पुलिस के मुताबिक, मनीषा ने अपनी जान बचाने के लिए पड़ोस के घर की तरफ भागने की कोशिश की, लेकिन हमलावर ने उसका पीछा किया और उसे छह गोलियां मार दीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
रिश्तों में कड़वाहट और 'भाई' वाला रिश्ता बना वजह
पुलिस की शुरुआती जांच में इस हत्या के पीछे पारिवारिक विवाद और शक की कहानी सामने आई है। बताया जा रहा है कि मनीषा का एक पुरुष मित्र था जो अक्सर उसके घर आता-जाता था। मनीषा उसे अपना भाई मानती थी, लेकिन परिवार के सदस्य, खासकर विक्की डबास, इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थे। उनके बीच इस बात को लेकर काफी विवाद था, जिसे सुलझाने के लिए मामला गांव की पंचायत तक भी पहुंचा था, लेकिन बात नहीं बनी।
वारदात को अंजाम देने के लिए विक्की ने पूरी प्लानिंग की थी। उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए मंकी कैप पहनी थी और एक किराएदार के पुराने स्कूटर का इस्तेमाल किया था। हालांकि, उसकी यह चालाकी ज्यादा देर नहीं चली। दिल्ली पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सर्विलांस की मदद ली और वारदात के महज चार घंटे के भीतर विक्की डबास को दबोच लिया। पुलिस ने उसके पास से हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार भी बरामद कर लिया है। बवाना पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।