₹200 करोड़ वसूली केस: सुकेश चंद्रशेखर की MCOCA याचिका पर 9 दिसंबर को होगी अंतिम सुनवाई

₹200 करोड़ की वसूली मामले में सुकेश चंद्रशेखर की MCOCA याचिकाओं पर दिल्ली हाई कोर्ट 9 दिसंबर को अंतिम सुनवाई करेगा।

Kittu Kumari4 November 20262 min read0 viewsDelhi Local
₹200 करोड़ वसूली केस: सुकेश चंद्रशेखर की MCOCA याचिका पर 9 दिसंबर को होगी अंतिम सुनवाई

कथित जालसाज सुकेश चंद्रशेखर की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं, लेकिन कानूनी लड़ाई अब तेज हो गई है। ₹200 करोड़ की कथित वसूली के मामले में महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) के तहत लगाए गए आरोपों को चुनौती देने वाली सुकेश की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट अब जल्द सुनवाई करेगा। जस्टिस मिनी पुष्करणा ने इस मामले की अंतिम सुनवाई के लिए 9 दिसंबर की तारीख तय की है।

हैरानी की बात यह है कि यह मामला पहले 13 जनवरी 2027 के लिए सूचीबद्ध था, लेकिन अब इसे काफी पहले खिसका लिया गया है। यह बदलाव तब आया जब सुकेश ने सुप्रीम कोर्ट के एक निर्देश का हवाला दिया। सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट को निर्देश दिया था कि वह उसकी स्टे एप्लीकेशन पर 8 हफ्ते के भीतर फैसला ले, अन्यथा 3 महीने के अंदर पूरी अपील का निपटारा करे।

पुलिस ने किया विरोध, कोर्ट ने तय की तारीख

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कोर्ट में सुनवाई के दौरान सुकेश के वकील अनंत मलिक ने ट्रायल कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने के लिए जल्द सुनवाई की मांग की। हालांकि, दिल्ली पुलिस की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता संजय जैन ने इस मांग का कड़ा विरोध किया। पुलिस का तर्क था कि यह मामला बेहद गंभीर है और इसमें कई आरोपी शामिल हैं, साथ ही अभियोजन साक्ष्यों (prosecution evidence) की रिकॉर्डिंग का काम पहले ही शुरू हो चुका है। पुलिस ने सुझाव दिया कि स्टे एप्लीकेशन के बजाय सीधे मुख्य अपील पर अंतिम सुनवाई की जाए, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।

यह पूरा विवाद 2021 में दिल्ली के इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) में दर्ज एक एफआईआर से शुरू हुआ था। आरोप है कि अदिति सिंह नामक महिला से ₹200 करोड़ की वसूली की गई थी। सुकेश ने अपनी अपील में ट्रायल कोर्ट के फैसले को मनमाना और गैरकानूनी बताया है। उसका दावा है कि कोर्ट ने रिकॉर्ड में मौजूद सबूतों की ठीक से जांच नहीं की और केवल चार्जशीट की बातों को दोहराकर आरोप तय कर दिए।

सुकेश की दलील है कि MCOCA जैसे सख्त कानून को लगाने से पहले इस बात की जांच होनी चाहिए थी कि क्या वाकई कोई संगठित अपराध सिंडिकेट मौजूद था। अब 9 दिसंबर को हाई कोर्ट यह तय करेगा कि सुकेश पर लगे ये गंभीर आरोप कानूनी रूप से सही हैं या नहीं।

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