सुकेश चंद्रशेखर की MCOCA अपील पर दिल्ली हाई कोर्ट करेगा 9 दिसंबर को सुनवाई
दिल्ली हाई कोर्ट ने सुकेश चंद्रशेखर की MCOCA अपील की सुनवाई की तारीख आगे बढ़ाई है। जानें क्या है पूरा मामला।

कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर को कानूनी लड़ाई में एक नया मोड़ मिला है। दिल्ली हाई कोर्ट ने 200 करोड़ रुपये के जबरन वसूली मामले में सुकेश के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) लागू करने को चुनौती देने वाली अपील की सुनवाई की तारीख अब पहले कर दी है। जस्टिस मिनी पुष्करणा ने इस मामले की अंतिम सुनवाई, जो पहले 13 जनवरी 2027 को होनी थी, उसे अब बदलकर 9 दिसंबर 2026 तय किया है।
यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के एक निर्देश के बाद आया है। जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस मनमोहन की बेंच ने हाई कोर्ट को आदेश दिया था कि या तो आठ हफ्तों के भीतर स्टे एप्लिकेशन (स्थगन आवेदन) का निपटारा करें या तीन महीने के भीतर मुख्य अपील को हल करें। सुनवाई के दौरान सुकेश के वकील अनंत मलिक ने ट्रायल कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने की मांग की थी, लेकिन दिल्ली पुलिस की ओर से पेश वरिष्ठ वकील संजय जैन ने इसका विरोध किया। पुलिस का तर्क था कि मामला बेहद गंभीर है और ट्रायल कोर्ट में गवाहों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसी वजह से कोर्ट ने स्टे एप्लिकेशन को छोड़कर सीधे अंतिम सुनवाई की तारीख तय की है।
क्या है 200 करोड़ की वसूली का पूरा मामला?
सुकेश चंद्रशेखर पर आरोप है कि उसने तिहाड़ जेल में बंद रहने के दौरान सरकारी अधिकारियों बनकर पूर्व रैनबैक्सी प्रमोटर शिविंदर सिंह की पत्नी अदिति सिंह से करीब 200 करोड़ रुपये ठगे। आरोप है कि सुकेश ने शिविंदर सिंह की जमानत दिलाने का झांसा देकर यह रकम वसूली और फिर इसे शेल कंपनियों, हवाला ट्रांजेक्शन और लग्जरी संपत्तियां खरीदकर ठिकाने लगाया। इस मामले में लीना मारिया पॉलोस और अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीज के नाम भी शामिल हैं।
सुकेश के खिलाफ सिर्फ MCOCA ही नहीं, बल्कि भारतीय दंड संहिता (IPC) और आईटी एक्ट के तहत भी आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जबरन वसूली और लोक सेवक का रूप धारण करने जैसे गंभीर आरोप दर्ज हैं। ट्रायल कोर्ट ने 30 मई 2026 को MCOCA के तहत आरोप तय किए थे, जिस पर अब हाई कोर्ट में कानूनी बहस होगी।