Study in Sweden 2026: दिल्ली और हैदराबाद में लगेंगे एजुकेशन फेयर, STEM को मिलेगा बढ़ावा
स्वीडन दूतावास दिल्ली और हैदराबाद में 'Study in Sweden 2026' फेयर आयोजित करेगा, जहां STEM और रिसर्च प्रोग्राम्स की जानकारी मिलेगी।

अगर आप विदेश में पढ़ाई करने का सपना देख रहे हैं, तो आपके लिए एक शानदार मौका आने वाला है। स्वीडन दूतावास जल्द ही दिल्ली और हैदराबाद में Study in Sweden 2026 फेयर का आयोजन करने जा रहा है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य भारतीय छात्रों को स्वीडन में उपलब्ध उच्च शिक्षा, खासकर साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथमेटिक्स (STEM) के मास्टर प्रोग्राम्स के बारे में विस्तार से जानकारी देना है।
दिल्ली में यह फेयर 28 अक्टूबर को और हैदराबाद में 30 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में स्वीडन की 13 प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटीज के प्रतिनिधि शामिल होंगे, जिनमें लुंड यूनिवर्सिटी, KTH और लिंकपिंग यूनिवर्सिटी जैसे बड़े नाम शामिल हैं। छात्र यहाँ सीधे यूनिवर्सिटी प्रतिनिधियों से मिलकर अपने कोर्स के चुनाव, आवेदन प्रक्रिया और रेजिडेंस परमिट जैसे जरूरी सवालों के जवाब पा सकेंगे।
स्वीडन की शिक्षा प्रणाली और करियर के अवसर
स्वीडन अपनी खास 'ट्रिपल हेलिक्स' मॉडल के लिए जाना जाता है, जिसमें शिक्षा जगत, इंडस्ट्री और सरकार मिलकर काम करते हैं। इससे छात्रों को न केवल किताबी ज्ञान मिलता है, बल्कि उन्हें इंडस्ट्री से जुड़ी चुनौतियों और इंटरडिसिप्लिनरी प्रोजेक्ट्स पर काम करने का मौका भी मिलता है।
भारत में स्वीडन की राजदूत पेट्रा मेनेंडर ने इस पहल पर जोर देते हुए कहा कि स्वीडन की शिक्षा प्रणाली छात्रों में क्रिटिकल थिंकिंग, रचनात्मकता और इनोवेशन को बढ़ावा देती है। उन्होंने बताया कि शिक्षा और छात्रों की आवाजाही भारत और स्वीडन के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं, जिससे दोनों देशों के बीच आपसी संबंध और मजबूत होंगे।
यह आयोजन मई 2026 में घोषित रणनीतिक साझेदारी का एक हिस्सा है, जिसका लक्ष्य विज्ञान, तकनीक और सतत विकास के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना है। 'Study in Sweden' प्लेटफॉर्म के जरिए अंतरराष्ट्रीय छात्रों को स्कॉलरशिप, एडमिशन और वहां की कैंपस लाइफ के बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी, ताकि वे अपने भविष्य के लिए सही फैसला ले सकें।