Study in Sweden 2026: दिल्ली और हैदराबाद में लगेंगे एजुकेशन फेयर, छात्रों को मिलेंगे बड़े मौके

स्वीडन दूतावास दिल्ली और हैदराबाद में 'Study in Sweden 2026' मेले आयोजित करेगा। मास्टर डिग्री और स्कॉलरशिप की पूरी जानकारी मिलेगी।

Kittu Kumari26 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
Study in Sweden 2026: दिल्ली और हैदराबाद में लगेंगे एजुकेशन फेयर, छात्रों को मिलेंगे बड़े मौके

अगर आप अपनी आगे की पढ़ाई के लिए विदेश जाने का सपना देख रहे हैं, तो आपके लिए एक शानदार मौका आने वाला है। भारत में स्वीडन का दूतावास अक्टूबर महीने में दिल्ली और हैदराबाद में Study in Sweden 2026 फेयर्स का आयोजन करने जा रहा है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य भारतीय छात्रों को स्वीडन की बेहतरीन शिक्षा प्रणाली, खासकर STEM, रिसर्च, इनोवेशन और इंडस्ट्री से जुड़ी पढ़ाई के बारे में बताना है।

दिल्ली में यह खास मेला 28 अक्टूबर 2026 को शाम 4:00 बजे से 7:00 बजे तक जयपी वसंत कॉन्टिनेंटल होटल में आयोजित किया जाएगा। वहीं, हैदराबाद के छात्र 30 अक्टूबर को शाम 5:00 से 8:00 बजे तक और 31 अक्टूबर को सुबह 10:00 से दोपहर 1:00 बजे तक HITEC सिटी के लेमन ट्री होटल में इस इवेंट का हिस्सा बन सकते हैं।

इन यूनिवर्सिटीज से मिलेगा जुड़ने का मौका

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इन मेलों में स्वीडन की कई नामी यूनिवर्सिटीज के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे, जिनमें लुंड यूनिवर्सिटी, लिंकोपिंग यूनिवर्सिटी, जोन्कोपिंग यूनिवर्सिटी, मैलार्डलेन यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी वेस्ट, लिनियस यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ बोरास, कार्लस्टैड यूनिवर्सिटी, स्वीडिश यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज और KTH रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी शामिल हैं। छात्र यहाँ सीधे तौर पर मास्टर डिग्री प्रोग्राम्स की जानकारी ले सकेंगे।

SNY कॉसमॉस के सहयोग से आयोजित इन कार्यक्रमों में छात्रों को आवेदन प्रक्रिया, स्कॉलरशिप, वीजा नियमों, वहां के जीवन और करियर के अवसरों के बारे में पूरी गाइडेंस दी जाएगी। यह पूरा अभियान अक्टूबर के दौरान बैंगलोर, चेन्नई, पुणे और विजयवाड़ा में भी चलाया जाएगा।

भारत में स्वीडन की राजदूत पेट्रा मेनांडर ने बताया कि स्वीडन की शिक्षा प्रणाली रचनात्मकता और क्रिटिकल थिंकिंग को बढ़ावा देती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि 'इंडिया-स्वीडन जॉइंट एक्शन प्लान 2026-2030' के तहत इन आयोजनों से दोनों देशों के बीच शैक्षिक और शोध संबंधों को और मजबूती मिलेगी। स्वीडन का 'ट्रिपल हेलिक्स मॉडल', जो सरकार, इंडस्ट्री और शिक्षा जगत को एक साथ लाता है, छात्रों के लिए इनोवेशन के नए रास्ते खोलता है।

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