जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के वायरल झूठे वीडियो का छात्र संगठनों ने किया भंडाफोड़

Kittu Kumari2 August 20261 min read50 viewsDelhi Local
जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के वायरल झूठे वीडियो का छात्र संगठनों ने किया भंडाफोड़

नयी दिल्ली, 2 अगस्त 2026। छात्र संगठनों ने जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के झूठे और वायरल सोशल मीडिया वीडियो का पर्दाफाश करने के लिए वापसी की है। इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफार्मों पर कई पोस्ट में गलत टाइमस्टैम्प लगाकर छात्रों से जुड़े 'लाइव' संघर्ष और मार्च दिखाए जाने का दावा किया जा रहा है।

झूठे वीडियो और उनकी सच्चाई

इन भ्रामक वीडियो को लाखों व्यूज मिले हैं और इनमें गलत दावा किया गया है कि 1 अगस्त, 31 जुलाई और 30 जुलाई को प्रदर्शन हो रहे हैं, जबकि मुख्य आंदोलन पहले ही समाप्त हो चुका है। छात्र संगठनों ने स्थानीय दुकानदारों से बात करके और सीसीटीवी फुटेज की जांच करके इन दावों की पुष्टि की है। इस गलत सूचना का मुकाबला करने के लिए साइट पर आने वाले लोगों में क्रांतिकारी युवा संगठन (KYS) के प्रतिनिधि भीम कुमार भी शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों ने भी चल रहे प्रदर्शनों के इन दावों को सार्वजनिक रूप से बेबुनियाद बताया है।

पुलिस कार्रवाई और पिछला आंदोलन

छात्र संगठन अब इस झूठी सामग्री को फैलाने वाले सोशल मीडिया खातों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की मांग करने की योजना बना रहे हैं। यह फर्जी प्रचार अभियान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा 25 जुलाई को समाप्त किए गए 36-दिवसीय विरोध प्रदर्शन के बाद आया है, जिसकी मुख्य मांग शिक्षा सुधारों की थी। सरकारी एजेंसियों, जिनमें प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) फैक्ट-चेक यूनिट भी शामिल है, ने पहले भी ऐसे ही कई झूठे वीडियो का भंडाफोड़ किया है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक डीपफेक और एक फर्जी वीडियो शामिल है जिसमें विरोध प्रदर्शन दिखाया गया था जो असल में जगन्नाथ पुरी रथ यात्रा का था (Source: NewsOnAir)।

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