जॉइंट रिप्लेसमेंट के लिए Stryker ने भारत में लॉन्च किया Mako 4 SmartRobotics

मेडिकल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में दुनिया भर में मशहूर कंपनी Stryker ने भारत में स्वास्थ्य सेवाओं को एक नए स्तर पर ले जाते हुए Mako 4 SmartRobotics को लॉन्च कर दिया है। 5 अक्टूबर 2026 को पेश की गई यह चौथी पीढ़ी की रोबोटिक-आर्म तकनीक अब भारत के मरीजों के लिए उपलब्ध होगी, जिससे जॉइंट रिप्लेसमेंट की सर्जरी पहले से कहीं अधिक सटीक और प्रभावी हो जाएगी।
यह आधुनिक सिस्टम पेशेंट-स्पेसिफिक प्लानिंग, रोबोटिक तकनीक और हैप्टिक गाइडेंस को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाता है। इसका मुख्य उद्देश्य सर्जनों को एक ऐसा एकीकृत अनुभव देना है, जिससे ऑपरेशन के दौरान सटीकता बढ़े और मरीज को बेहतर परिणाम मिलें। Mako 4 मुख्य रूप से तीन तरह की सर्जरी में मददगार साबित होगा: मको टोटल नी (पूरा घुटना), मको पार्शियल नी (आधा घुटना) और मको टोटल हिप (पूरा कूल्हा), जिसमें प्राइमरी और रिवीजन दोनों तरह की प्रक्रियाएं शामिल हैं।
तकनीक जो सर्जरी को बनाएगी आसान और सटीक
इस सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत इसकी 3D CT-आधारित प्लानिंग और 'AccuStop' हैप्टिक टेक्नोलॉजी है। यह तकनीक सर्जन को मरीज की शारीरिक संरचना (Anatomy) के हिसाब से सटीक सर्जरी करने में मदद करती है। इसके साथ ही, यह Stryker के Q गाइडेंस सिस्टम के साथ जुड़ा हुआ है, जिसे दो दशकों के अनुभव के बाद तैयार किया गया है।
Stryker इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट और जनरल मैनेजर अमन ऋषि ने बताया कि कंपनी भारत के बदलते मेडिकल परिदृश्य के साथ नए इनोवेशन लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि Mako 4 का उद्देश्य देशभर में जॉइंट रिप्लेसमेंट की जरूरत वाले मरीजों के लिए इलाज के स्तर को ऊंचा उठाना और इसे अधिक सुलभ बनाना है।
बता दें कि वैश्विक स्तर पर मको प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल 47 देशों में 25 लाख से अधिक सर्जरी के लिए किया जा चुका है। हालांकि इसका राष्ट्रीय स्तर पर लॉन्च 5 अक्टूबर को हुआ, लेकिन इससे पहले सितंबर 2026 में कोयंबटूर के रॉयल केयर हॉस्पिटल ने अपनी फैसिलिटी में इस सिस्टम को शामिल कर लिया था।