नई दिल्ली: श्रीलंका हाई कमीशन ने 'दिवाली डैज़ल नाइट' से मनाया रोशनी का पर्व
नई दिल्ली में श्रीलंका हाई कमीशन ने 'दिवाली डैज़ल नाइट' का आयोजन किया, जिसमें राजनयिकों ने सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत किया।

भारत और श्रीलंका के बीच गहरे सांस्कृतिक और राजनयिक संबंधों को और मजबूती देने के लिए नई दिल्ली स्थित श्रीलंका हाई कमीशन ने एक शानदार आयोजन किया। 26 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस विशेष कार्यक्रम का नाम 'दिवाली डैज़ल नाइट 2026' रखा गया, जिसमें कई देशों के राजनयिकों और गणमान्य व्यक्तियों ने शिरकत की। इस उत्सव का मुख्य उद्देश्य औपचारिक कूटनीति से परे आपसी दोस्ती और समझ को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम की शुरुआत श्रीलंका की भारत में हाई कमिश्नर महिशिनी कोलोन और ग्लोबल ट्रेड एंड टेक्नोलॉजी काउंसिल ऑफ इंडिया (GTTCI) के अध्यक्ष गौरव गुप्ता ने मिलकर पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलित कर की। यह आयोजन GTTCI और लायंस क्लब दिल्ली वेज के सहयोग से संपन्न हुआ। इस मौके पर हाई कमिश्नर महिशिनी कोलोन ने अपने संबोधन में एक बेहद खास बात साझा की। उन्होंने बताया कि श्रीलंका में दिवाली को राष्ट्रीय सार्वजनिक अवकाश के रूप में मान्यता दी गई है, जो इस बात का प्रमाण है कि रोशनी का यह पर्व अंधेरे पर जीत के सार्वभौमिक संदेश को दुनिया भर में फैलाता है।
सांस्कृतिक विविधता और राजनयिक मेलजोल
हाई कमिश्नर ने जोर देकर कहा कि इस तरह के अनौपचारिक मिलन समारोह राजनयिकों के बीच व्यक्तिगत संबंध बनाने और एक-दूसरे की संस्कृति को समझने के लिए बेहद जरूरी होते हैं। अपने भाषण के दौरान उन्होंने दिल्ली स्टडी ग्रुप के साथ साझेदारी का भी जिक्र किया।
इस शाम की सबसे खास बात इसका अंतरराष्ट्रीय रंग था, जिसने मेहमानों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में एक इजरायली राजनयिक ने अपनी सितार प्रस्तुति से सबका दिल जीत लिया, वहीं एक ईरानी कलाकार की पेंटिंग्स की प्रदर्शनी ने कला प्रेमियों को आकर्षित किया। इस विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि दिवाली केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि विभिन्न देशों और संस्कृतियों को एक सूत्र में पिरोने वाला माध्यम है।