जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान सपा सांसद इकरा हसन और कई नेता दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए

दिल्ली में जंतर-मंतर पर मस्जिद गिराए जाने के मुद्दे पर हो रहे प्रदर्शन में शामिल होने जा रहीं समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन को 29 सितंबर 2026 को दिल्ली पुलिस ने हिरासत میں ले लिया। यह प्रदर्शन 'मॉनिटरिंग कमेटी ऑफ इंडियन मुस्लिम' के बैनर तले देश भर में धार्मिक स्थलों पर हुई कार्रवाई और खासकर सहारनपुर में हाल ही में हुई मस्जिद विध्वंस की चिंता को लेकर आयोजित किया गया था। इस प्रदर्शन में छात्रों, कार्यकर्ताओं, वकीलों और आम नागरिकों ने भी बड़ी संख्या में हिस्सा लिया था।
गिरफ्तारी के बाद सांसद इकरा हसन ने पुलिस की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि देश में लोकतांत्रिक आवाजों को दबाया जा रहा है और जनप्रतिनिधियों को अपने विचार व्यक्त करने का पूरा अधिकार है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करना एक मौलिक अधिकार है।
इकरा हसन के अलावा पुलिस ने कई अन्य प्रमुख नेताओं को भी हिरासत में लिया, जिनमें समाजवादी पार्टी के सांसद जिया उर रहमान बर्क और मोहिबुल्लाह नदवी, जमात-ए-इस्लामी हिंद के उपाध्यक्ष मलिक मोहतसिम खान और एसआईओ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अब्दुल हफीज शामिल हैं। प्रदर्शन में शामिल हुए बड़ी संख्या में छात्रों, कार्यकर्ताओं, वकीलों और नागरिकों को भी हिरासत में लेकर अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में ले जाया गया।
समाजवादी पार्टी के सांसद जिया उर रहमान बर्क ने मस्जिदों और मदरसों को निशाना बनाए जाने पर कड़ी आलोचना की और इसके खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया। विभिन्न समुदायों के लोगों द्वारा किए गए इस प्रदर्शन में संवैधानिक अधिकारों, लोकतांत्रिक संस्थाओं की अखंडता और सामाजिक न्याय से जुड़े व्यापक मुद्दों को भी उठाया गया।