जातिसूचक टिप्पणी मामला: सपा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी प्रोफेसर संगीत रागी से मांगी माफी
दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर संगीत रागी पर जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का आरोप। सपा ने की सार्वजनिक माफी और कार्रवाई की मांग।

दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर संगीत रागी एक बड़े विवाद के घेरे में आ गए हैं। समाजवादी पार्टी ने उन पर अपने प्रवक्ता मनोज सिंह काका के साथ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने का गंभीर आरोप लगाया है। सपा का कहना है कि एक शिक्षाविद से इस तरह की अभद्र भाषा की उम्मीद नहीं की जा सकती और यह उनकी संकीर्ण मानसिकता को दर्शाता है।
पार्टी ने एक कड़ा बयान जारी करते हुए कहा कि केवल प्रोफेसर की कुर्सी पर बैठने से कोई व्यक्ति सभ्य नहीं हो जाता। सपा के मुताबिक, संगीत रागी ने जिस तरह की भाषा का प्रयोग किया, वह एक शिक्षित व्यक्ति के बजाय एक "अशिक्षित और असभ्य मानसिकता" की पहचान है। पार्टी ने इस पूरे मामले को शिक्षा तंत्र पर आरएसएस (RSS) की विचारधारा के नकारात्मक प्रभाव से जोड़ते हुए कहा कि जो लोग जातिगत अहंकार पाले हुए हैं, उन्हें समानता सिखाने वाले पदों पर नहीं होना चाहिए।
सपा ने भाजपा और आरएसएस को दी चुनौती
समाजवादी पार्टी ने इस मुद्दे पर भाजपा और आरएसएस को भी निशाने पर लिया है। पार्टी ने चुनौती देते हुए कहा कि वे अपने इस तथाकथित बुद्धिजीवी द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा पर अपनी प्रतिक्रिया दें। सपा ने स्पष्ट किया कि जब कोई व्यक्ति सवालों का जवाब देने के बजाय जातिसूचक गालियों पर उतर आता है, तो यह उसकी बौद्धिक हार की स्वीकारोक्ति होती है।
पार्टी ने अपने प्रवक्ता मनोज सिंह काका के प्रति पूर्ण समर्थन जताया है। साथ ही, समाजवादी पार्टी ने दो मुख्य मांगें रखी हैं:
- प्रोफेसर संगीत रागी सार्वजनिक रूप से अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगें।
- दिल्ली यूनिवर्सिटी प्रशासन इस मामले में संज्ञान ले और प्रोफेसर के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करे।