दिल्ली के Southeast जिले में SIR पूरा होने के बाद 7 लाख वोटर लिस्ट से हट सकते हैं

दिल्ली के Southeast जिले में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) सोमवार, 17 अगस्त 2026 को पूरा होने के बाद, आने वाली ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल से लगभग 7 लाख नाम हटाए जाने की संभावना है। डेटा से पता चलता है कि Southeast दिल्ली में राजधानी में सबसे कम डिजिटाइजेशन रेट 56.32% दर्ज किया गया, जिससे इसके प्री-रिवीजन इलेक्टोरेट 15.5 लाख का एक बड़ा हिस्सा अनवेरिफाइड रह गया (Source)। पूरी दिल्ली में, एनुमरेशन प्रक्रिया में मूल 1.45 करोड़ वोटर्स में से केवल 97.47 लाख ही सफलतापूर्वक डिजिटाइज हो पाए, और बाकी 47.62 लाख को 'अनकलेक्टेबल' के रूप में चिह्नित किया गया, जिसके कारण मृत्यु, relocation, डुप्लीकेट एंट्री, या अनुपस्थिति जैसे कारण शामिल हैं, जिन्हें सामूहिक रूप से ASDDO के रूप में categorized किया गया (Source)।
दिल्ली में सबसे ज्यादा डिलेड वोटर रेट
भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) ने नोट किया कि दिल्ली की संभावित 33% डिलीशन रेट ड्राफ्ट स्टेज पर वर्तमान में देश में सबसे अधिक है, जो तेलंगाना, अरुणाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों से काफी आगे है (Source)। बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) ने उच्च गैर-भागीदारी दर के लिए शहर की बड़ी प्रवासी आबादी, बार-बार पता बदलने और उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे मूल राज्यों में डुप्लीकेट वोटर रजिस्ट्रेशन की व्यापकता जैसे कारकों को जिम्मेदार ठहराया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के अधिकारियों ने इन जनसांख्यिकीय प्रवृत्तियों के कारण पहले ही 20-40% डिलीशन रेट का अनुमान लगाया था।
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट और आगे की प्रक्रिया
दिल्ली के लिए ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल 24 अगस्त, 2026 को पब्लिश होने वाली है, जो एक क्लेम और आपत्तियों की विंडो की शुरुआत को चिह्नित करती है जो 23 सितंबर, 2026 तक खुली रहेगी। इस अवधि के दौरान, वे वोटर्स जिनके नाम हटाए गए हैं, फॉर्म 6 के जरिए शामिल करने के लिए आवेदन कर सकते हैं, जबकि अन्य सुधार या डिलीशन फॉर्म 7 और 8 के जरिए मैनेज किए जा सकते हैं। फाइनल इलेक्टोरल रोल 27 अक्टूबर, 2026 को पब्लिश होने वाली है। ECI का कहना है कि उचित प्रक्रिया के बिना कोई नाम नहीं हटाया जाता है, जिसमें BLOs द्वारा फील्ड वेरिफिकेशन और प्रभावित वोटर्स को औपचारिक नोटिस जारी करना अनिवार्य है (Source)।