दक्षिण भारत में भारी बारिश का अलर्ट, दिल्ली और पूर्वोत्तर में मौसम रहेगा शुष्क

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के लिए भारी बारिश और गरज-चमक के साथ तूफान की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, यह सिलसिला 23 अक्टूबर 2026 तक जारी रह सकता है। दरअसल, 15 अक्टूबर से ही उत्तर-पूर्वी मानसून की शुरुआत हो चुकी है, जिसके कारण दक्षिण भारत के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला हुआ है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि लक्षद्वीप और दक्षिणी तमिलनाडु के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण (cyclonic circulation) और बंगाल की खाड़ी में मौजूद ट्रफ लाइन की वजह से यह स्थिति बनी हुई है। इसका सीधा असर तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराइकल, केरल, माहे, लक्षद्वीप और कर्नाटक के कुछ हिस्सों पर पड़ेगा, जहाँ व्यापक बारिश की संभावना है। 17 अक्टूबर को भी कई इलाकों में छिटपुट लेकिन बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है।
मछुआरों को चेतावनी और राज्यों की स्थिति
समुद्र में खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। कर्नाटक, केरल और लक्षद्वीप के तटों पर 35 से 45 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जो झोंकों के रूप में 55 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। आंध्र प्रदेश में राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रबंध निदेशक प्रखर जैन ने आम जनता को सतर्क रहने की अपील की है, क्योंकि वहां 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। वहीं, तेलंगाना के 15 जिलों में 18 अक्टूबर को बिजली कड़कने और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।
दूसरी ओर, देश के बाकी हिस्सों में मौसम बिल्कुल अलग रहने वाला है। दिल्ली और पूर्वोत्तर के आठ राज्यों (असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा) में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा। दिल्ली में 22 अक्टूबर तक आसमान साफ रहने की उम्मीद है और तापमान 18°C से 34°C के बीच बना रहेगा। पूर्वोत्तर भारत में भी विजयादशमी (21 अक्टूबर) तक अधिकतम तापमान सामान्य से 2-4°C अधिक रहने की संभावना है।